
Electricity rates: बिजली कंपनी ने बकायदारों से वसूली के बाद अब आम उपभोक्ताओं की जेब पर करारा वार किया है। नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ही बिजली दरों में इजाफा कर दिया गया है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं, किसानों और व्यावसायिक कनेक्शनधारकों को अब ज्यादा बिल चुकाना पड़ेगा।
बिजली कंपनी ने घरेलू उपभोक्ताओं और किसानों के पंप कनेक्शन पर प्रति यूनिट 18 पैसे की बढ़ोतरी की है, जबकि व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए यह बढ़ोतरी 20 पैसे प्रति यूनिट की गई है। हालांकि, जिन उपभोक्ताओं को सरकार की ओर से सब्सिडी दी जा रही थी, उन्हें राहत प्रदान की गई है।
इस बढ़ोतरी का असर अगले महीने के बिलों में दिखेगा। अब 0 से 50 यूनिट की दर 4.27 से बढ़कर 4.45 रुपये हो गई है। 51 से 150 यूनिट तक की खपत पर 5.23 रुपये की बजाय 5.41 रुपये प्रति यूनिट चुकाने होंगे। इसी तरह, 151 से 300 यूनिट के बीच 6.61 रुपये की जगह 6.79 रुपये का भुगतान करना होगा। 300 यूनिट से अधिक खपत करने वालों को अब 6.80 रुपये के बजाय 6.98 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से भुगतान करना होगा।
बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत देते हुए 150 यूनिट तक की सब्सिडी स्कीम को बरकरार रखा है। यदि किसी उपभोक्ता की रीडिंग 150 यूनिट तक रहती है, तो उसे लगभग 408 रुपये का बिल अदा करना होगा। लेकिन यदि यूनिट इससे ज्यादा हुई, तो सब्सिडी का लाभ कम मिलेगा और बिल सीधे हजार के पार जा सकता है।
बिजली कंपनी का दावा है कि कोयले की कीमतों में हर साल होने वाली वृद्धि के कारण टैरिफ बढ़ाना पड़ा है। बढ़ी हुई दरों के मुताबिक अगले महीने से नए बिल जनरेट किए जाएंगे, जिसमें उपभोक्ताओं को ज्यादा भुगतान करना होगा।
इस बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं में गहरी नाराजगी है। लोग इसे जबरन वसूली करार दे रहे हैं और बिजली कंपनी की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं। व्यावसायिक उपभोक्ता खासे परेशान हैं, क्योंकि बढ़े हुए टैरिफ से उनका मासिक खर्च और बढ़ जाएगा। कई उपभोक्ताओं ने इस बढ़ोतरी का विरोध करने की तैयारी शुरू कर दी है।
Published on:
03 Apr 2025 10:00 am
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