फर्जी दुर्घटना क्लेम मामले में पांच और गिरफ्तार
दौसा. फर्जी सड़क दुर्घटना बता कर लाखों रुपए की क्लेम राशि हड़पने के मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने सोमवार को पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब इस प्रकरण में कुल 20 आरोपी पुलिस गिरफ्त में आ चुके हैं। पूर्व में एक एएसआई, एक चिकित्सक, एक वकील व करीब एक दर्जन दलाल व लाभार्थियों को पकड़ा गया था।
जिले में चर्चित यह मामला दौसा कोतवाली थाने में दो वर्ष पहले दर्ज हुआ था। तब एक एएसआई, एक वकील एवं चिकित्सक सहित कई गिरफ्तार किए गए थे।
इसके बाद फाइल सीआईडी सीबी के पास चली गई, लेकिन पिछले दिनों मामला फिर से कोतवाली थाने में आ गया। इसके बाद तीन फर्जी क्लेम के मामलों में कोतवाली थाना पुलिस ने पिछले दिनों फिर सेे स्वैच्छिक सेवानिवृत्त एएसआई रमेश जाटव, वकील चतुर्भुज मीना एवं चिकित्सक डॉ. सतीश खण्डेलवाल सहित करीब 15 जनों को गिरफ्तार कर लिया था। कोतवाली थाना पुलिस ने इसी कड़ी में एक और मामले का खुलासा कर रामगढ़पचवारा थाना इलाके के भेड़ला ढाणी पालूंदा निवासी हरिनारायण मीना, रामखिलाड़ी मीना व बाबूलाल मीना तथा भांवता निवासी चौथमल मीना व नवलकिशोर मीना को गिरफ्तार किया गया है।
10 लाख रुपए का उठा लिया था क्लेम
कोतवाली थाने के एसआई राजेश मीना ने बताया कि 14 अक्टूबर 2014 को नवल किशोर मीना निवासी भांवता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दौसा में लालसोट बायपास स्थित मलारना चौराहे पर एक अज्ञात वाहन की टक्कर से जंसीराम व नाथूलाल घायल हो गए थे। उनको जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया था। पुलिस की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया। इस मामले में एएसआई रमेश जाटव ने जांच कर वाहन अदमपता मान कर एफआर दे दी। इस मामले में फाइल रिओपन कर उच्च अधिकारियों ने जांच की तो सामने आया कि भांवता निवासी जंसीराम व सिण्डोली निवासी नाथूलाल की मौत के 1 महीने 16 दिन बाद झूठी कहानी तैयार की गई। एएसआई ने झूठा अनुसंधान, डॉ. सतीश ने फर्जी पोस्टमार्टम रिपोर्ट व एडवोकेट ने लोगों को दुर्घटना का क्लेम उठवाने का झांसा देकर झूठा मुकदमा दर्ज कराने व अन्य आरोपियों को षडय़ंत्र में सहभागी बनकर लाभ प्राप्त करने का दोषी पाया। जबकि जंसीराम की मौत हार्ट अटैक एवं नाथूलाल की मौत कैंसर से हुई थी। कोतवाली थाना प्रभारी लालसिंह यादव ने बताया कि इस मामले में 10 लाख रुपए की क्लेम राशि उठा ली थी। इसमें से पीडि़त की पत्नी एवं दलालों ने राशि को बांट लिया था।