जहां ग्रामीणों ने जमकर खरीदारी की। भीड़ को देखते हुए दिन भर रामगढ पचवारा थाना प्रभारी सुभाष शर्मा की अगुवाई में पुलिस जाप्ता दिन भर यज्ञ परिसर में घूमता रहा। रविवार रात्रि को भजन संध्या का आयोजन किया,
इस मौके पर बाबा श्याम की झांकी सजाकर गायक कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुती दी। रामकथा के मुख्य यजमान धीरज शर्मा, रुद्रभिषेक मुख्य यजमान ललित गुप्ता, लल्लूप्रसाद निरायणवाल, रामप्रसाद खाड़ा, रामचरण गुप्ता, दिनेश सोनी, ईश्वर सोनी, भगवान माठा, धन्नालाल मीना, फैलीराम मीना, कन्हैयालाल मीना, गुलाब सोनी, रामचरण हलवाई, पवन द्विवेदी, आर्यन शर्मा, रोहित शर्मा, गोलू कटारा समेत कई जने मौजूद रहे। समापन के मौके पर श्रीराम सेवा समिति की ओर से सभी सहयोगकर्ताओं का सम्मान किया गया।
भंडारे में करीब 25 हजार श्रद्धालुओं ने पंगत प्रसादी जीमी। रुद्र महायज्ञ के समापन के मौके पर संत सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें लालसोट संत मंडल के अध्यक्ष रामशरणदास और संरक्षक चरणदास दौसा मंडल से संत शंकरदास व श्यामदास की अगुवाई में सैकड़ों संत-महात्मा शामिल हुए। इस मौके पर संत रामदास को रामगढ़ पचवारा नले वाले हनुमान मंदिर का महंत घोषित करते हुए उन्हें इसकी उपाधि भी दी गई।