यह है मामला
पापड़दा थाना प्रभारी मुरारीलाल मीना ने बताया कि कार्यालय अधीक्षक अभिषेक शर्मा केन्द्रीय काराग्रह श्यालावास ने मामला दर्ज कराया कि जयपुर के विराट नगर तहसील के श्यामपुरा निवासी पूरणमल मीना पुत्र अशोक कुमार मीना हत्या के आरोप में जयपुर जेल में बंद था। जिसको श्यालावास जेल में 21 मार्च 2020 को लाया गया था। इस बंदी को जेल सेवा में मदद के लिए कारापाल कार्यालय में साफ- सफाई के लिए लगाया गया था, यह बंदी कम्प्यूटर का काम भी जानता था। कारापाल कार्यालय की कम्प्यूटर शाखा में जेल में बंद बंदियों की मजदूरी के भुगतान के आदेश बनाए जाते हैं। हालांकि इस कार्य में बंदी को लगाने का कोई आदेश नहीं था, लेकिन उससे काम करवा लिया जाता था।
यह बंदी एक वर्ष तक इस काम में मदद कर रहा था। ऐसे में इस बंदी को जेल में बंद बंदियों के मजदूरी के भुगतान बनाने का पूरा ज्ञान हो गया। उसने जेल में सही बंदियों के मजदूरी भुगतान आदेश के साथ -साथ अपने मित्रों व रिश्तेदारों के नाम भी जोड़ दिए और उनके बैंक खाता संख्या भी जोड़ दिए। यह जानकारी जेल में लगी एसटीडी कॉल की रिकॉर्डिंग से मिली है। बंदी का पूरा विश्वास होने पर कारापाल मुंशीराम मीना ने 5 लाख 24 हजार 200 रुपए बिल भुगतान के आदेश व कारापाल अमर ङ्क्षसह नरूका ने 1 लाख 30 हजार 554 रुपए व उपकारापाल कालूरा मीना ने 88 हजार 199 रुपए के बिलों को प्रमाणित कर दिया। ऐसे में बंदियों की सही मजदूरी के बिलों के साथ ही गलत बिलों की राशि का भुगतान भी हो गया। थाना प्रभारी ने बताया कि जेल प्रशासन ने बंदी से जब गहनता से पूछताछ की तो यह राशि जमा कराने के लिए कह दिया, लेकिन 29 सितम्बर 2022 को उसने राशि जमा करवाने से मना कर दिया। जिन लोगों के बैंक खातों में यह राशि डाली थी, उनसे भी सम्पर्क किया गया।