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स्वच्छता के हो-हल्ले के बीच गंदगी का दलदल

मौत के बाद भी नहीं खुली बांदीकुई नगरपालिका की नींद, सिकंदरा रोड बस स्टैण्ड पर यात्री व वाहन चालक कोसने लगे प्रशासन को
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दौसा

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Gaurav Kumar Khandelwal

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Updated: 16 Jan 2018, 9:12 AM IST

bandikui bus stand

बांदीकुई.सिकंदरा रोड बस स्टैण्ड के समीप दलदल में एक पखवाड़े पहले एक जने की शव मिला था, लेकिन इसके बाद भी पालिका प्रशासन की नींद नहीं खुली है। ऐसे में यदि समय रहते बस स्टैण्ड स्थित दलदल व पानी भराव की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बड़ा हादसा घटित हो सकता है। क्योंकि छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक बस स्टैण्ड से आवाजाही करते हैं।


जानकारी के अनुसार रेलवे स्टेशन के द्वितीय प्रवेश द्वार के सामने सिकंदरा रोड मुख्य बस स्टैण्ड स्थित है। जहां नाला अवरूद्ध होने से शहर का गंदा पानी बस स्टैण्ड परिसर में भरने से तालाब का रूप लेने लगा है। बस स्टैण्ड के पिछवाड़े में पानी भराव व कीचड़ होने से दलदल की स्थिति बनी हुई है, जो कि देखने में ऐसा लगता है कि कचरा बिखरा हुआ है, लेकिन यदि इसमें कोई गिर जाए तो दलदल से निकलना तक मुश्किल है।

बस स्टैण्ड परिसर में काफी मात्रा में कचरा बिखरा हुआ है। ऐसे में बस स्टैण्ड कचरा संग्रहण केन्द्र जैसा दिखाई देने लगा है। शौचालयों की कमी होने से बस स्टैण्ड पिछवाड़े में स्थित दुकानों को ही लोगों ने शौचालय बना दिया है।

प्रशासन की बेरूखी से शहर के मुख्य बस स्टैण्ड का अस्तित्व भी खत्म होने के कगार पर पहुंच गया है। यह बस स्टैण्ड पालिका की ओर से स्वच्छता अभियान के नाम पर खर्च किए गए बजट पर भी सवाल खड़े कर रहा है। यहां उठने वाली दुर्गंध से संक्रमण फैलने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।


खास बात यह है कि पार्षद अधिकांश नगरपालिका बोर्ड की बैठकों में बस स्टैण्ड को विकसित किए जाने की मांग उठाते दिखाई देते हैं, लेकिन पार्षदों की आवाज भी प्रस्तावों तक ही सिमट रही है। लोगों का कहना है कि गत 20 दिन पहले बस स्टैण्ड के पिछवाड़े में एक युवक का दलदल में शव मिला है। इस शव का भी कचरा पड़ा होने से कई दिन बाद पता लगा था, लेकिन इसके बाद भी पालिका ने बस स्टैण्ड परिसर की सफाई कराना मुनासिब नहीं समझा और आंखें मूंदकर बैठी हुई है।

ये है शहर के लोगों की पीड़ा


सिकंदरा रोड निवासी राजेन्द्र चौधरी का कहना है कि बस स्टैण्ड से प्रतिदिन औसतन डेढ़ हजार से अधिक यात्रि आवाजाही करते हैं। इनमें ज्यादातर यात्री मेहंंदीपुरबालाजी से जुड़े श्रद्धालु हैं, लेकिन बस स्टैण्ड पर सफाईकर्मी भी कभी कभार ही आते हैं। दुर्गन्ध के कारण दो पल रुकना तक मुश्किल हो रहा है। सिकंदरा रोड बस स्टैण्ड पर तीन वर्ष से टिकिट बाबू नहीं है। ऐसे में रोडवेज चालक आगरा फाटक पर लगने वाले जाम से बचने के लिए गुढ़ारोड बायपास होकर बसों को ले जाते हैं।


जन कल्याण विकास मंच अध्यक्ष विनोद शर्मा कहना है कि बस स्टैण्ड सार्वजनिक स्थल है। इससे शहर का प्रत्येक व्यक्ति जुड़ा हुआ है। ऐसे में पालिका को बस स्टैण्ड को विकसित कर आमजन को सुविधाएं मुहैया कराने का प्रयास करना चाहिए। क्योंकि सुविधाओं की कमी के चलते लोगों को नारकीय जीवन जीने को मजबूर होना पड़ रहा है।


नगरपालिका चेयरमैन लक्ष्मी जायसवाल का कहना है कि करीब 20 लाख रुपये की लागत से सुलभ कॉम्पलैक्स का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा बस स्टैण्ड को सर्वसुविधायुक्त बनाया जाएगा। यहां जमा गंदगी व नाले की शीघ्र सफाई कराकर आमजन को राहत दिलाई जाएगी।

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