
पिता बोले- बेटा डॉक्टर नहीं वकील, पीडि़ता बोली डिग्री फर्जी
जयपुर. दौसा. मेट्रिमोनियल साइट पर दुल्हन तलाशने के लिए दौसा का संजय उपाध्याय उर्फ संजय शर्मा पांच साल से डॉक्टर बना हुआ था। वह नागौर, परबतसर, बगरू तथा अन्य जगह कई अस्पताल में सैंकड़ों मरीजों को दवा भी दे चुका है। उसके पिता का कहना है कि वह वकालत की डिग्री लेकर पांच साल पहले घर से निकल गया था। हालांकि उसके बहकावे में आने वाली दुल्हनों का दावा है कि वकालत की डिग्री भी फर्जी है। उधर, पुलिस उसकी कॉल डिटेल निकलवा रही है। संदिग्ध ठिकानों पर तलाशी की जा रही है।
रोज ओपीडी में जाता और दवा लिखता
जालसाज दूल्हे के खिलाफ पहली एफआईआर नवम्बर 2017 में कोटा के महिला थाने में दर्ज हुई। पीडि़ता ने बताया कि वह उससे परबतसर के पास बागोत स्थित गूलर हास्पिटल में मिली थी। वहां संजय आठ माह से कार्यरत था। वह रोज ओपीडी में जाता और लोगों के इलाज के लिए दवा लिखता था। अस्पताल के क्वार्टर में ही रहता था। उसकी कार्यशैली देखकर ही युवती ने शादी करना तय किया था। इसके बाद उसने बड़ू स्थित खंडेलवाल हॉस्पिटल ज्वाइन किया था। वहां संजय 90 हजार से एक लाख रुपए का वेतन पाता था।
उसके शहर में लगे थे होर्डिंग
जयपुर की पीडि़ता का कहना है कि वह उससे नागौर के भास्कर अस्पताल में मिली थी। उसके शहर में भी होर्डिंग लगे थे। हमे चिकित्सा शिविर के पर्चे भी बताए थे। शादी के समय वह बगरू के एक हॉस्पिटल में कार्यरत था। वहां उसने पांच दिन के वेतन के रूप में 35 हजार रुपए उसके सामने प्राप्त किए थे।
ऑपरेशन थिएटर की भी फोटो
पीडि़ताओं ने बताया कि वह सोशल साइट पर हमेशा अस्पताल में उपस्थिति की फोटो लगाता था। कई बार तो उसने ऑपरेशन थिएटर की फोटो लगाई थी।
पिता बोले वह तो वकील है
दौसा के संैथल मोड़ स्थित उसके निवास पर पत्रिका टीम पहुंची तो पिता हजारीलाल रोने लगे। कहा, कभी कहां की पुलिस आती है तो कभी कहां की। उसने एलएलबी की डिग्री बताकर दौसा व सिकराय कोर्ट में कुछ दिनों तो प्रेक्टिस भी की थी। उसकी पत्नी दोनों बेटों के साथ पीहर गई हुई थी।
Published on:
6 Jun 2018, 9:33 AM IST
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