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निजी विश्वविद्यालयों पर छात्रवृत्ति में फर्जीवाड़े की आशंका: जांच शुरू, भुगतान रोका

fraud in scholarship जिला कलक्टर ने दिए एक-एक विद्यार्थी के सत्यापन के आदेश, उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना
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दौसा

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Mahesh Jain

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Updated: 26 Jun 2023, 8:19 PM IST

जिला कलक्टर ने दिए एक-एक विद्यार्थी के सत्यापन के आदेश, उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना

निजी विश्वविद्यालयों पर छात्रवृत्ति में फर्जीवाड़े की आशंका: जांच शुरू, भुगतान रोका

दौसा. उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत निजी विश्वविद्यालयों पर ई-मित्र संचालकों की मिलीभगत से फर्जी तरीके से राशि उठाने की आशंका पर जिला कलक्टर ने एक-एक विद्यार्थी का सत्यापन करने के आदेश जारी किए हैं। रिपोर्ट आने तक छात्रवृत्ति वितरण को भी रोक दिया गया है।

जिले के 5 हजार से अधिक विद्यार्थी दौसा, जयपुर, झुंझूनूं, अलवर, चूरू आदि जिलों में संचालित कुल पांच निजी विश्वविद्यालयों में अध्ययन कर उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति का लाभ उठा रहे हैं। दो करोड़ से अधिक की राशि का भुगतान इन विद्यार्थियों को किया जाता है। गत कई दिनों से प्रशासन को शिकायत मिल रही थी कि जो विद्यार्थी विश्वविद्यालयों में वर्तमान में नहीं पढ़ रहे हैं, उनके दस्तावेजों का उपयोग कर छात्रवृत्ति उठाई जा रही है। इस पर प्रशासन फरवरी से ही निजी विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों के भुगतान पर ब्रेक लगाना शुरू कर दिया था। अब कुछ मामलों की पुष्टि होने के बाद जिला कलक्टर ने जिले की समस्त पंचायत समितियों के विकास अधिकारियों को विद्यार्थियों की सूची देकर पटवारी या ग्राम विकास अधिकारी के माध्यम से एक-एक विद्यार्थी का भौतिक सत्यापन कर 15 दिन में रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।

इस तरह हुआ खुलासा

जिला प्रशासन के सामने आया कि धोलीबाई मीना निवासी दिलावरपुरा तहसील बसवा के दस्तावेज प्राप्त कर चूरू के निजी विश्वविद्यालय में प्रवेशित बताकर छात्रवृत्ति प्राप्त कर ली गई। बिना परीक्षा दिए छात्रा को अगले वर्ष में प्रवेशित कराकर छात्रवृत्ति का पुन: आवेदन प्रेक्षित कर दिया गया। छात्रा ने जब बीएड कॉलेज में प्रवेश लेकर छात्रवृत्ति का आवेदन किया तो खुलासा हुआ कि उसके नाम पर पहले से ही छात्रवृत्ति उठ रही है। इसके बाद अनौपचारिक जांच में सामने आया कि फर्जी स्टेडी सेंटर का संचालन कर छात्रों के दस्तावेजों से खिलवाड़ किया जा रहा है। महंगे कोर्सेज में विद्यार्थियों का प्रवेश देकर छात्रवृत्ति के आवेदन किए जा रहे हैं।

इनका कहना है...

उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनान्तर्गत निजी विश्वविद्यालयों द्वारा छात्रवृत्ति वितरण में ई मित्र संचालकों के माध्यम से फर्जीवाड़े की आशंका पर सत्यापन के आदेश दिए हैं। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को कहा है कि जांच रिपोर्ट के बाद गड़बड़ी सामने आने पर एफआईआर दर्ज कराई जाए।

कमर चौधरी, जिला कलक्टर दौसा