जिले के 5 हजार से अधिक विद्यार्थी दौसा, जयपुर, झुंझूनूं, अलवर, चूरू आदि जिलों में संचालित कुल पांच निजी विश्वविद्यालयों में अध्ययन कर उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति का लाभ उठा रहे हैं। दो करोड़ से अधिक की राशि का भुगतान इन विद्यार्थियों को किया जाता है। गत कई दिनों से प्रशासन को शिकायत मिल रही थी कि जो विद्यार्थी विश्वविद्यालयों में वर्तमान में नहीं पढ़ रहे हैं, उनके दस्तावेजों का उपयोग कर छात्रवृत्ति उठाई जा रही है। इस पर प्रशासन फरवरी से ही निजी विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों के भुगतान पर ब्रेक लगाना शुरू कर दिया था। अब कुछ मामलों की पुष्टि होने के बाद जिला कलक्टर ने जिले की समस्त पंचायत समितियों के विकास अधिकारियों को विद्यार्थियों की सूची देकर पटवारी या ग्राम विकास अधिकारी के माध्यम से एक-एक विद्यार्थी का भौतिक सत्यापन कर 15 दिन में रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।