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एटीएम क्लोनिंग गैंग का पर्दाफाश, सरगना गिरफ्तार

ATM Cloning... गैंग का सरगना दौसा में पकड़ा गया

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अन्तरराज्यीय सांसी एटीएम क्लोनिंग गैंग का पर्दाफास

दौसा. कोतवाली थाना पुलिस ने साइबर सैल की मदद से एटीएम क्लोनिंग कर लोगों के बैंक खातों से राशि निकालने वाली अन्तरराज्यीय सांसी गैंग का पर्दाफाश करते हुए हरियाणा के हिसार जिले के नारनौंद थाना इलाके के खंडाखेड़ी खनिवासी अनिल सांसी को गिरफ्तार करने में कामयाबी हांसिल कर ली। एटीएम क्लोंनिंग की सांसियों की कई गैंग है, जिनमें से एक गैंग का मुखिया है अनिल सांसी है।

गैंग सरगना अनिल व उसकी गैंग ने दौसा जिले सहित आसपास एक दर्जन से अधिक वारदातों को अंजाम देकर लोगों के एटीएम से लाखों रुपए की राशि निकाल ली। कोतवाली थाने में शुक्रवार को पुलिस उपाधीक्षक अकलेश शर्मा एवं कोतवाली थाना प्रभारी गणपतराम चौधरी ने शुक्रवार सुबह पत्रकारों के सामने मामले का खुलासा किया।

ऐसे देती है गैंग वारदात को अंजाम


थाना प्रभारी गणपतराम चौधरी ने बताया कि हरियाणा की सांसी गैंग के सदस्य अधिकांशतया सरकारी अवकाश के दिन एसबीआई बैंक के उस एटीएम के समीप बगल में अपनी गाड़ी खड़ी कर देते जिस पर गार्ड उपस्थित नहीं होता । वे एटीएम के बगल में कार में बैठे- बैठे ही एटीएम में रुपए निकलवाने आने वाले ऐसे व्यक्ति पर नजर रखते हैं जो व्यक्ति भोलाभाला और कम समझदार हो।

गैंग के दो सदस्य गाड़ी से उतर उसके पीछे - पीछे एटीएम में घुस जाते हैं। फिर वे मदद के बहाने ग्राहक से एटीएम लेकर चुपके से अपनी जेब या हाथ में रखे कार्ड को स्वाइप कर लेते हैं और इसके बाद वे कार्ड को ग्राहक के सामने एटीएम में लगा कर प्रक्रिया समझाते हैं। वे ग्राहक से एटीएम में कार्ड लगवा कर पासवर्ड लगाने के लिए कहते हैं।

ग्राहक जब पासवर्ड लगाता है तो दूसरा खड़ा व्यक्ति पासवर्ड पढ़ लेता है। फिर वे ग्राहक को रुपए निकलवा कर उसका कार्ड उसको थमा कर फरार हो जाते। ग्राहक को लगता है कि अन्दर खड़े युवकों ने उनकी मदद की है, लेकिन सच्चाई यह है कि गैंग के सदस्य उसके साथ धोखा करते हैं। कुछ बाद वे अपने ठिकाने पर जाकर उस कार्ड से दूसरा कार्ड बना कर बैंक खाते से रुपए निकाल लेते हैं।


सामान्य चोरी से क्लोनिंग से एटीएम क्लोनिंग का सफर


सांसी जाति पहले घरों, खलिहानों आदि से चोरी करने के लिए जानी जाती थी। जमाना बदलने के साथ वे शहरों में भीड़भीड़ वाले स्थानों, बसों व ट्रेनों में पॉकेटमारी व अन्य वारदातें करने लग गए। इसके बाद एटीएम में तिल्ली लगाकर रकम निकाले की वारदात करते थे। अब करीब एक वर्ष से यू-ट्यूब साइबर ठगी का नया ही तरीका निकाल कर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।

यहां से मिली वारदात की सीख


कोतवाली थाने में गिरफ्तार हरियाणा निवासी अनिल सैनी ने बताया कि उनके पास के ही गांव के दो जने ऐसी ही वारदात में बंद होने पर पूछताछ का वीडियो वायरल हुआ था। जिसे वे यू-ट्यूब पर देख कर एटीएम क्लोनिंग एंव एटीएम क्लोनिंग मशीन के बारे में जानकारी मिली। पता चला कि अमेजन कम्पनी से यह मशीन ऑन लाइनलाइन मशीन मंगवाई।

वहीं चायना की शॉपिंग एप्लीकेशन साइट पर इस मशीन में कोई भी एटीएम कार्ड डालने पर उसकी कॉपी कर देता है एवं नया ब्लैक कार्ड डालने पर पुराने कार्ड का डेटा उसमें ट्रांसफर कर देता है। इस तरीके से उन्होंने नए एटीएम तैयार कर लिए।

इन वारदातों का किया खुलासा

1. 28 अप्रेल 2019को रामकरण जोशी स्कूल के सामने बाबलाल शर्मा के एसबीआई बैंक के एटीएम कार्ड क्लोनिंग कर दूसरी जगह जाकर 1 लाख 60 हजार रुपए निकाले।

2. 28 अप्रेल 2019 को नेहरू गार्डन के सामने के एसबीआई बैक के एटीएम से भौंडवाड़ा निवासी अजय कुमार गुजर का एटीएम कार्ड क्लोनिंग कर दूसरी जगह जाकर 38500 रुपए निकाले।

3. 28 अप्रेल 2019 को नेहरू गार्डन के सामने के एसबीआई बैक के एटीएम से पापड़दा निवासी हीरालाल प्रजापत का एटीएम कार्ड क्लोनिंग कर दूसरी जगह जाकर 40000 रुपए निकाले।

4. 14 अप्रेल 2019 को आगरा रोड स्थित एसबीआई बैंक के एटीएम से गोठड़ा निवासी मोहनलाल मीना का एटीएम कार्ड क्लोनिंग कर दूसरी जगह जाकर 44500 रुपए निकाले।

संबंधित खबरें

5. 15 मई 2019 को अलवर के राजगढ़ स्थित एसबीआई बैंक के एसबीआई बैंक के एटीएम से कारोठ निवासी प्रेमप्रकाश वर्मा का एटीएम कार्ड क्लोनिंग कर दूसरी जगह जाकर 58 हजार रुपए निकाले।

6. 15 मई 2019 को अलवर के राजगढ़ स्थित एसबीआई बैंक के एसबीआई बैंक के एटीएम से बाबूलाल शर्मा का एटीएम कार्ड क्लोनिंग कर दूसरी जगह जाकर 40000 हजार रुपए निकाले।

7. जैतारण पाली से एसबीआई बैंक केएटीएम से श्रवण कुमार का एटीएम कार्ड क्लोनिंग कर दूसरी जगह जाकर 43000 हजार रुपए निकाले।

8. हिण्डौन सिटी से अलावदा निवासी रामावतार का एटीएम क्लोनिंग कर 60 हजार रुपए निकाले।
9. झांझीराम पुरा निवासी राकेश मीना के एटीएम से राशि निकाली।

10. इन्दौर मध्यप्रदेश से भागीरथ शर्मा के एटीएम से राशि निकाली।

11. अलवर के बहरोड से राजेश यादव का एटीएम क्लोन कर राशि निकाली।

12 गुजरात के गांधीनगर से देवेन्द्र पोद्दार का एटीएम क्लोन कर राशि निकाली।

इस टीम ने किया खुलासा
साइबर क्राइम की इन बढ़ती वारदातों के बाद दौसा पुलिस अधीक्षक प्रहलाद सिंह कृष्णियां के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षण अनिल सिंह चौहान व सीओ दौसा अकलेश शर्मा के नेतृत्व में कोतवाली थाना प्रभारी गणपत राम चौधरी के नेतृत्व में टीम गठित की गई।

टीम में कोतवाली थाने के हैड कांस्टेबल प्रदीपराव, विजयसिंह, कांस्टेबल लक्ष्मीकांत शर्मा, नागपाल व पुखराज की टीम गठित की। इस टीम ने संदिग्ध लोगों पर नजर रखी, सीसीटीवी फुटेज भी लिए। होटलों की तलाशी भी ली। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 27 जून को आगरा रोड स्थित एसबीआई बैंक के बाहर संदिग्ध अवस्था में हरियाणा के नारनौद जिले के खड़ा खेड़ी निवासी अनिल सांसी को पकड़ कर पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया।


पुलिस को भी तक हरियाण के ही भुवानीखेड़ा निवासी विनोद सांसी, अनूप कुमार सांसी, खड़ा खेड़ी के प्रवीण कुमार व सन्नी सांसी की तलाश है। इस गैंग ने राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, गुजरात सहित उत्तर भारत के कई राज्योंमें वारदातों को अंजाम दिया है।