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जलझूलनी एकादशी … हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की….

जल विहार पर निकले ठाकुरजी
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दौसा

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Rajendra Kumar Jain

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Updated: 30 Aug 2020, 12:45 PM IST

जलझूलनी एकादशी ... हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की....

लालसोट के डिडवाना गांव में निकाली डोळयात्रा।

दौसा. जलझूलनी एकादशी पर्व को लेकर शनिवार को जिले भर में कई आयोजन किए गए। कई स्थानों पर ठाकुरजी की डोळयात्राएं निकालकर जलविहार कराया गया। झांकियां सजाकर हाथी-घोड़ा पालकी, जय कन्हैयालाल की.. आदि भजन गूंजते रहे।

महुवा. महुवा लियो क्लब के तत्वावधान में जलझूलनी एकादशी पर्व को लेकर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित कर गायों को हरा चारा खिलाया गया। क्लब सचिव सौरभ सिंघल ने बताया कि क्लब के द्वारा गोशाला परिसर में पौधे लगाए गए तथा गायों को हरा चारा खिलाया गया। इस मौके पर क्लब अध्यक्ष डॉ. तन्मय खंडेलवाल, कोषाध्यक्ष अमित खंडेलवाल, ऋषभ गोयल, मोहित अग्रवाल, धीरज जांगिड़ आदि मौजूद थे।

लवाण . कस्बे में जलझूलनी एकादशमी पर मन्दिरों मेंं सजावट हुई। महिलाओं ने हवन के साथ मंगल गीत गाए। राधा-कृष्णजी की सजीव झांकी सजाई गई। ग्रामीणों ने एकादशी पर उपवास रखा। कई महिलाओं ने कस्बे के समीप खाटूश्याम मन्दिर पैदल पहुंचकर परिक्रमा लगाई।

सैंथल . कस्बे सहित आसपास के क्षेत्र में जलझूलनी ग्यारस का लोगों ने उपवास रखकर मंदिरों में पूजा अर्चना की गई। देर शाम को ठाकुर जी महाराज को पालकी में विराजमान कर गांव के पास सरोवर में ले जाकर स्नान कराया गया। उसके बाद में मंदिरों में पुजारियों ने प्रसाद वितरण किया।

बसवा. कस्बे में जलझूलनी एकादशी पर कल्याणजी के मन्दिर पर भगवान की झांकी सजाई गई। लोगों ने मन्दिर पहुंचकर भगवान के दर्शन किए।

गीजगढ़. कस्बे सहित आसपास गांवों में जलझूलनी एकादशी का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया। कई जगह ठाकुरजी की डोळयात्रा निकाली गई। लोगों ने व्रत-उपवास किए।

बडिय़ाल कलां . उपतहसील मुख्यालय सहित ग्राम पंचायत नंदेरा, रलावता, मूंडघिस्या, खेडी ग्राम पंचायतों में जलझूलनी एकादशी का पर्व पारंपरिक तरीके से मनाया गया। कोविड 19के कारण मंदिरों में चहल पहल कम रही।श्रृद्धालुओं ने सोशल डिस्टेसिंग का ध्यान रखते हुए पूजा अर्चना की व व्रत रखा।

मंडावर. कस्बे सहित आसपास के क्षेत्र में जल झूलनी एकादशी का त्योहार उत्साह पूर्वक मानाया गया। जहां मंदिरों में सुबह से ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए हरिकीर्तनों का दौर चलता रहा, वहीं ठाकुरजी को जलविहार कराया गया। मंदिरों में आकर्षक झांकियां सजाई गई। श्रद्धालुओं ने व्रत-उपवास किए।

लालसोट. जलझूलनी एकादशी के मौके पर शनिवार को विभिन्न मंदिरों से ठाकुरजी डोळयात्राएं निकाली गई। लक्ष्मीनाथ मंदिर, सीताराम मंदिर, कुंजबिहारी मंदिर, जगदीश मंदिर, राधाकृष्ण मंदिर, गोपाल मंदिर नृसिंह मंदिर, हरिनारायण मंदिर, एवं सत्यनारायण मंदिर से डोळयात्राएं निकाली गई। कोरोना एडर्वाजरी को देखते हुए डोळयात्रा में श्रृद्धालु काफी कम नजर आए और डोळ उठाने वाले अधिकांश श्रद्धालु भी मुह पर मास्क लगा कर ही नजर आए। डोळयात्राएं धनेश्वर तालाब व तलाव वाली ढाणी पर पहुंची।

सिकंदरा. कस्बे सहित आसपास के गांव में जलझूलनी एकादशी पर श्रद्धालुओं ने ठाकुर जी की पूजा अर्चना की। इस दौरान ग्रामीणों ने निहालपुरा, छोकरवाड़ा, भंडारी, लांका सहित अन्य गांवों में बैंड बाजे के साथ ठाकुरजी की डोळयात्रा निकालकर जल विहार कराया गया। इसीप्रकार जलझूलनी एकादशी के अवसर पर ठाकुरजी मंदिर श्री सीतारामजी बांसड़ा से फूलडोळ निकालकर सिकंदरा चौराहा गीजगढ़ रोड ठंडी प्याऊ पर होते हुए वापस ठाकुर जी मंदिर बासड़ा पहुंचे। इस दौरान ठाकुर जी के जयकार लगाए। सुमेरसिंह गुर्जर, बाबूलाल, रामअवतार, रंगलाल सेठ, रामकिशोर फौजी आदि थे।