दौसा. लालसोट उपखण्ड क्षेत्र की कांकरिया ग्राम पंचायत में मोरेल नदी पर बने मोरेल बांध की पूर्वी नहर में शनिवार को पानी छोड़ा गया। इससे पहले जल संसाधन विभाग के अभियंताओं ने बांध की मोरी के वॉल्व की पूजा की। इसके बाद वाल्व की चाबी को घुमा नहरों में पानी छोड़़ा।
नहरों में पानी का बहाव होता देख ग्रामीणों में किसानों के चेहरों पर खुशी की लहर भी देखी
गई। इस दौरान बड़ी संख्या में कृषक महिलाएं भी मौजूद रही। कई किसान तो नहर से पानी अपने खेत तक पहुंचाने के प्रयासों में जुटे दिखाई दिए। इस मौके पर जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता एमएल मीना, भारतीय किसान संघ के जिला मंत्री धर्मराज मीना, घूमसिंह मीना, रामस्वरूप मीना, मीठालाल दोसाडा, विनोद, राजेश बगड़ी कानलोदा, भरतलाल देवलदा, श्रीनारायण कोडयाई आदि मौजूद थे।
किसानों को अधिक पानी मिलने की उम्मीद
मोरेल बांध की मुख्य नहर से शनिवार को पानी छोड़ा गया है, जबकि शनिवार को बांध की दोनों नहरों से पानी छोड़ा जाना प्रस्तावित था। गौरतलब है कि गत दिनों में जल वितरण कमेटी व अधिकारियों के बीच हुई बैठक में बांध की मुख्य नहर व पूर्वी नहर में 20 नवम्बर को पानी छोडऩे का निर्णय किया गया था। सहायक अभियंता एमएल मीना ने बताया कि शुक्रवार को सवाई माधोपुर में मुख्य नहर से जुड़े गांवों में मावठ होने के बाद वहां किसानों को अभी पानी की जरुरत नहीं है। इसके चलते मुख्य नहर को नहीं खोला गया है। उन्होंने बताया कि मुख्य नहर को देरी से खोले जाने से पूर्वी नहर से जुड़े किसानों को इस बार अधिक पानी मिलने की उम्मीद है। पूर्वी नहर में एक सप्ताह तक पानी अधिक मिलेगा।