पायलट ने पूछा कि ईआरसीपी से कितना पानी हमारे प्रदेश को मिलेगा। जितना पानी हम चाहते थे, जिसका हमसे वादा किया गया था क्या उतना पानी हमें सिंचाई, इंडस्ट्री और पीने के लिए मिलेगा या नहीं? उन्होंने कहा कि अभी तक सिर्फ भाषण हो रहे हैं, धन्यवाद दिया जा रहा है। लेकिन, सबसे बड़ी बात ये है कि सदन में उस एमओयू पर चर्चा हो रही है, जिसे सदन में रखा ही नहीं गया है। हमें अब तक नहीं पता कि क्या बंटवारा किया गया है?