
ताजा वेदर अपडेट, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश का अलर्ट। फोटो सोर्स-पत्रिका न्यूज
Weather Update Rain UP and Uttarakhand: उत्तर प्रदेशमें लगातार हो रही बारिश के चलते कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। नदी करीब 30 फीट के उफान पर है। बाढ़ के पानी ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया है। हनुमान धारा के पास बना करीब 300 फीट लंबा पुल बाढ़ के तेज बहाव में टूटकर बह गया। वहीं करीब 400 दुकानें भी पानी में डूब गई हैं। यूपी में इस वजह से कई जगहों पर सड़क संपर्क प्रभावित हो गया है। रेलवे ट्रैक पर भी पानी भरने से आवागमन पर असर पड़ा है। कई लोग होटल और घरों में फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने के लिए प्रशासन और राहत-बचाव टीमें लगातार काम कर रही हैं।
लगातार बारिश और मध्य प्रदेश के बरगी डैम से पानी छोड़े जाने के बाद चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। नदी करीब 30 फीट के उफान पर पहुंच गई है। बाढ़ के पानी ने नदी किनारे और निचले इलाकों में स्थित दुकानों और घरों को प्रभावित किया है। बताया जा रहा है कि करीब 400 दुकानें बाढ़ की चपेट में आ गई हैं। कई इलाकों में पानी इतना ज्यादा है कि लोगों को बाहर निकालने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।
चित्रकूट में बाढ़ की स्थिति कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हनुमान धारा पर बना करीब 300 फीट लंबा पुल पानी के तेज बहाव में टूटकर बह गया। पुल के बह जाने से लोगों की आवाजाही पर बड़ा असर पड़ा है। बाढ़ के कारण यूपी और मध्य प्रदेश के बीच सड़क संपर्क भी टूट गया है। वहीं रेलवे ट्रैक पर पानी भरने की वजह से रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में कई लोग अपने घरों और होटलों में फंसे हुए हैं। प्रशासन की ओर से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। रेस्क्यू ऑपरेशन में दो हेलिकॉप्टर और SDRF की टीमें लगाई गई हैं। अब तक करीब 50 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। प्रशासन की टीमें लगातार उन इलाकों पर नजर रख रही हैं, जहां लोग बाढ़ के पानी के बीच फंसे हुए हैं।
बाढ़ और जलभराव को देखते हुए झांसी-प्रयागराज हाईवे को वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से प्रभावित मार्गों पर जाने से बचने की अपील की है। अचानक बढ़े जलस्तर के कारण कई रास्तों पर आवागमन मुश्किल हो गया है। प्रशासन की ओर से स्थिति के अनुसार अन्य मार्गों पर भी निगरानी रखी जा रही है।
चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने बाढ़ प्रभावित लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जहां भी लोग फंसे हुए हैं, वहां प्रशासन की ओर से खाने-पीने की चीजों और पानी की व्यवस्था की जा रही है। डीएम ने लोगों से किसी भी तरह की परेशानी होने पर कंट्रोल रूम से संपर्क करने की अपील की है, ताकि जरूरतमंदों तक तत्काल मदद पहुंचाई जा सके।
उधर, प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। रविवार तड़के करीब 3:45 बजे गंगा का पानी लेटे हनुमान मंदिर के गर्भगृह तक पहुंच गया। गर्भगृह में गंगा का पानी पहुंचने के बाद मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना शुरू कर दी गई। इस दौरान ढोल-नगाड़ों के बीच गंगा मां के आगमन की आरती की गई। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ प्रशासन भी हालात पर नजर बनाए हुए है।
वहीं, लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक मध्य प्रदेश, राजस्थान और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना मानसूनी सिस्टम आगे बढ़ चुका है। इसके चलते 31 अगस्त तक प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। हालांकि, इसके बाद एक नए मौसम सिस्टम के प्रभाव से सितंबर के पहले सप्ताह में उत्तर प्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो सकता है।
उत्तर प्रदेश मौसम विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आगामी 3 दिनों के मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई संभागों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 31 अगस्त से 3 सितंबर के बीच चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली और वाराणसी समेत आसपास के इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।
उत्तराखंड में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 31 अगस्त से 3 सितंबर तक राज्य के सभी जिलों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के मद्देनजर प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को सतर्क रहने की जरूरत है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और नदियों के जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।
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Updated on:
30 Aug 2026 11:44 am
Published on:
30 Aug 2026 11:44 am
