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चैत्र मास में नीम की इतनी पत्तियां खाने से दूर हो जाती है गंभीर बीमारियां

चैत्र माह में नीम के सेवन हो जाते हैं अनेक रोग दूर
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भोपाल

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Shyam Kishor

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Updated: 17 Mar 2020, 3:04 PM IST

चैत्र मास में नीम की इतनी पत्तियां खाने से दूर हो जाती है गंभीर बीमारियां

चैत्र मास में नीम की इतनी पत्तियां खाने से दूर हो जाती है गंभीर बीमारियां

इस साल 2020 में 10 मार्च से चैत्र मास शुरू हो चूका है, जो 15 अप्रैल तक रहेगा। चैत्र मास में ही हिंदू धर्म का नववर्ष भी आरंभ होता है। हिंदू धर्म शास्त्रों की मान्यता एवं आयुर्वेद के अनुसार, चैत्र के पूरे महीने जो भी व्यक्ति नीम की इतनी पत्तियां रोज खाता है, उसकी पूरे साल गंभीर से गंभीर रोगों से रक्षा होती है।

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हिंदू पंचांग के चैत्र महीने (मार्च-अप्रैल) में नीम की पत्तियां खाने से इतनी बीमारियों से होती है रक्षा-

1- चैत्र मास में नीम की पत्तियों को खाने से त्वाचा के कई सुक्ष्म रोग स्वतः ही नष्ट हो जाते हैं।

2- चैत्र मास में हर रोज सुबह-सुबह नीम की 7, 11 या इससे अधिक पत्ती चबाकर खाने से इम्यून सिस्टम मजबूत बनता है।

3- चैत्र मास में सुबह उठकर नीम की 108 पत्तियों को अच्छी तरह चबाकर खाने से कैंसर और हॉर्ट अटैक जैसी प्राण घातक बीमारियों का खतरा नहीं रहता।

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4- चैत्र मास में नीम की पत्तियां खाने से साल भर पाचन क्रिया मजबूत रहती है।

5- चैत्र मास में नीम के डंठल से दातुन करने से दातों में मौजूद कीटाणु खत्म हो जाते हैं।

6- चैत्र मास में नीम की पत्तियों को उबालकर और पूरी तरह से ठंडा करके दिन में तीन बार आंखें धोने से आंखों की रोशनी अच्छी होने लगती है।

7- चैत्र मास में बदलते मौसम के कारण होने वाले रोगों से मुक्ति के लिए नीम की पत्तियों का सेवन करना चाहिए।

8- चैत्र मास में अगर डायबिटीज के मरीज नीम की 27 पत्तियों का सेवन रोज करते हैं तो लाभ होने लगता है।

9- बवासीर जैसे कष्टकारी रोग से मुक्ति पाने के लिए चैत्र मास में नीम एवं कनेर के 11 - 11 पत्तों का लेप लगाने से शीघ्र लाभ मिलता है। इसके अलावा नीम के पत्ते एवं मूंग दाल को हल्के से तेल के साथ तलकर बवासीर के रोगी को खिलाने से तुरंत फायदा होता है।

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10- नीम के तने की छाल को कूटकर कांसे के बर्तन में पानी के साथ उबालनकर ठंडा होने पर इस पानी को दिन में तीन बार मलेरियाग्रस्त रोगी पिलाने से तीन-चार दिन में ही मलेरिया की बीमारी ठीक हो जाती है।

11- चैत्र मास में नीम के पत्ते और मकोय के फलों का रस समान मात्रा में लेकर पलकों पर लगाने से आंखों का लालपन दूर हो जाता है।

12- चैत्र मास में नीम की 108 पत्तियों को डालकर स्नान करने से घमौरी ठीक हो जाती है।

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