
आज हर तरफ जन्माष्टमी की धूम है। सभी कृष्ण की भक्ति में लीन हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान विष्णु ने पृथ्वी को पापियों से मुक्त करने के लिए द्वापर में श्रीकृष्ण के रूप में भादो माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मध्यरात्रि में अवतार लिया था।
बताया जा रहा है कि इस बार लगभग 14 वर्षों बाद छत्र योग, श्रीवत्स योग और सौभाग्यसुंदरी योग बन रहा है। माना जा रहा है कि इस योग में भगवान श्री कृष्ण का पूजन करना बहुत ही फलदायी होता है। धर्मशास्त्र के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। इस तिथि पर व्रत रखने और पूजन से तीन जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं।
अगर आप इस दिन विशेष लाभ चाहते हैं तो अपनी राशि के अनुसार मंत्र जा जाप करें। ऐसा करने से आपको कृष्ण पूजन का दोगुना लाभ मिलेगा...
मेष/Aries: ऊँ कमलनाथाय नम:
वृषभ/Taurus: श्रीकृष्णाष्टक का पाठ, सफेद फूल चढ़ाएं
मिथुन/Gemini: ऊँ गोविंदाय नम:
कर्क/Cancer: राधाष्टक का पाठ, सफेद फूल चढ़ाएं
सिंह/Leo: ऊँ कोटि सूर्य संप्रयाय नम:
कन्या/Virgo: ऊँ देवकीनंदनाय नम:
तुला/Libra: ऊँ लीलाधराय नम:
वृश्चिक/ Scorpio: ऊँ बराहाय नम:
धनु, मीन/Sagittarius,Pisces: ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय नम:
मकर, कुंभ/Capricorn,Aquarius: ऊँ नमो कृष्ण वल्लभाय नम:
Published on:
24 Aug 2019 02:54 pm
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