
सावन के पहले सोमवार को इस पदार्थ से करें रुद्राभिषेक, होगा दुखों का नाश
सावन का महिना शुरू हो चुका हैं, शिव भक्त तरह तरह से शीघ्र प्रसन्न हो जाने वाले भोले बाबा की पूजा अर्चना करेंगे । शास्त्र कहते हैं कि शि सभी पूजाओं में शिवजी को सबसे अधिक प्रिय भक्तों के द्वारा किया रुद्राभिषेक, भगवान रुद्र का अभिषेक अर्थात शिवलिंग पर रुद्र के मंत्रों के द्वारा विभिन्न पदार्थों से अभिषेक करना । यह पवित्र-स्नान रुद्ररूप शिव को कराया जाता है । अपनी जटा में गंगाजी को धारण करने से भगवान शिव को जलधाराप्रिय माना गया हैं ।
रुद्राभिषेक से लाभ
शिव पुराण में शिवजी के अभिषेक के बारे में विस्तार से उल्लेख मिलता है- की किस विधि और किन किन पदार्थों से भगवान शंकर का अभिषेक किया जाए और उनके करने से क्या फल मिलता है । अर्थात जिस उद्देश्य के लिए रुद्राभिषेक कर रहे है उसके लिए किस द्रव्य का इस्तेमाल करना चाहिए । शिवजी का अनेक प्रकार के पदार्थ से किया गया रुद्राभिषेक अलग फल देने में सक्षम है जिससे करने वाले की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं ।
जल से करें शिवजी का अभिषेक
अगर भगवान शिव का शुद्ध जल से अभिषेक किया जाए तो अनेक दुखों का नाश होता जाता हैं । शिवजी का निम्न विधि से करें अभिषेक-
- हर तरह के दुखों से छुटकारा पाने के लिए भगवान शिव का जल से अभिषेक करें
- भगवान शिव के बाल स्वरूप का मानसिक ध्यान करें
- ताम्बे के पात्र में ‘शुद्ध जल’ भर कर पात्र पर कुमकुम का तिलक करें
- ॐ इन्द्राय नम: का जप करते हुए पात्र पर मौली कलावा बाधें
- पंचाक्षरी मंत्र ॐ नम: शिवाय” बोलते हुए फूलों की कुछ पंखुडियां अर्पित करें
- शिवलिंग पर जल की पतली धार बनाते हुए रुद्राभिषेक करें
- जल का अभिषेक करते हुए ॐ तं त्रिलोकीनाथाय स्वाहा मंत्र का मन ही मन जप करें ।
- अभिषेक पूर्ण होने पर शिवलिंग को स्वच्छ वस्त्र से अच्छी तरह पौंछ कर साफ करें ।
- बाद में सुगंधित चंदन के तिलक लगाकर बिल्वपत्र अर्पित कर आरती और पुष्पांजलि का क्रम करें ।
Published on:
28 Jul 2018 12:52 pm
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