
धौलपुर। राजस्थान में 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आए तूफान से भयंकर नुकसान हुआ है। तूफान से राजस्थान में 23 लाेगाें की माैत हाे गर्इ। सबसे अधिक नुकसान भरतपुर में हुआ है।
अंधड़ का कहर धौलपुर जिले में भी दिखा। तेज धूलभरी हवा से कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे धराशायी हो गए। यहां आरएसी लाइन स्थित अम्बेडकर कॉलोनी में एक मकान की दीवार गिरने से उसमें दबकर दो महिला हसीना व आशा तथा मनियां थाना क्षेत्र के गांव डोंगरपुर में भी दीवार गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।
उधर, मुख्य डाकघर परिसर में आवास पर पेड़ गिरने से चार जने घायल हो गए। इन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। अंधड़ से ग्रामीण क्षेत्र में भी काफी नुकसान पहुंचा है। यहां दर्जनाें विद्युत खंभे और पेड़ उखड़ गए। भरतपुर में तूफान से एक अस्पताल की छत उड़ गर्इ।
अंधड़ थमने के बाद हल्की बरसात हुई, जिससे धूलभरी हवा से राहत मिली। वहीं, बसेड़ी के गांव लेबडापुरा में चालीस घरों में आग गई, जिससे गांव में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। यहां शहर में मदीना व मोहन कॉलोनी में मकानों के छज्जे गिरने से कई जने घायल हो गए।
मनियां थाना क्षेत्र के गांव डोंगरपुर में अंधड़ के दौरान एक मकान की दीवार गिर गई। इसमें दबने से मुकेश (45) पुत्र यादराम लोधा की मौत हो गई। लोगों ने उसे बाहर निकाला और अस्पताल भिजवाया, जहां उसें मृत घोषित कर दिया। अंधड़ क्षेत्र में दर्जनों पेड़ गिर पड़े, जिससे जगह-जगह रास्ता बाधित हो गया।
अंधड़ के पहले अलवर और फिर भरतपुर जिले में प्रवेश किया, यहां से वह धौलपुर पहुंचा। जिला प्रशासन को पूर्व में सूचना मिलने पर उन्होंने अधिकारियों को अलर्ट किया। जिस पर प्रशासनिक अधिकारी व पुलिस ने इलाके में लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी।
यहां शहर में पुलिस उपाधीक्षक सतीश यादव ने बाजार में अंधड़ के चलते दुकानों को ऐतियातन के तौर बंद कराने की अपील की। अंधड़ की पूर्व सूचना मिलने पर जिला प्रशासन ने शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली बंद करा दी।
जिला कलक्टर शुचि त्यागी ने बताया कि अंधड़ को देखते हुए ऐतियातन के तौर पर बिजली आपूर्ति बंद करवा दी थी। उन्होंने बताया कि अधिकारियों को इलाके का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं।
Published on:
3 May 2018, 8:36 AM IST
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