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जानिए अच्छी सेहत के लिए कितना जरूरी है जूस पीना

जूस थैरेपी को फॉलो कर अच्छी सेहत पाई जा सकती है।
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जयपुर

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Vikas Gupta

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Updated: 8 Mar 2020, 4:46 PM IST

जानिए अच्छी सेहत के लिए कितना जरूरी है जूस पीना

Know how important it is to drink juice for good health

रोज जूस पीना शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। बीमारियों को ठीक करने से ज्यादा यह शरीर को बीमारियों से बचाकर रखता है। ये जरूरी है कि शरीर में पानी की कमी न हो। ऐसे में जूस थैरेपी को फॉलो कर अच्छी सेहत पाई जा सकती है।

चुकंदर: ये ब्लड को प्यूरिफाई करता है। इसका जूस पीने से शरीर से विषैले पदार्थ दूर होते हैं। आयरन और पोटेशियम के भरपूर चुकंदर खून को साफ करने का काम करता है। इसी वजह से स्किन पर दाने जैसे पिंपल्स और एक्ने जैसी समस्याएं नहीं होती।

पालक: रोज दो बार पालक का जूस पीने से ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है।

पपीता: यह पाचन से जुड़ी बीमारियों को ठीक करता है। इसका शेक या जूस पीया जा सकता है।

अंगूर : अंगूर का जूस ब्लड प्रेशर कम करता है।

टमाटर: यह हृदय रोगों की रोकथाम में मदद करता है। टमाटर का जूस विटामिन-ए तथा सी का एक अच्छा स्रोत है। यह दोनों विटामिन कैंसर हृद्य रोग तथा झरियां आदि पैदा करने वाले फ्री रेडिकल्स को समाप्त करते हैं।

खीरा: यह जोड़ों की बीमारियों से बचाए रखता है। इसमें पोटेशियम की मात्रा बहुत होती है जिससे किडनी दुरुस्त रहती है और त्वचा संबंधी रोग भी नहीं होते। खीरे का एक ग्लास जूस पेट को आराम दायक अहसास दिलाता है तथा पाचन प्रणाली को स्वच्छ करता है। इसका नियमित सेवन एग्जिमा जैसे त्वचा रोगों तथा अर्थराइटिस और गाउट जैसी जोड़ो की बीमारियों को कम करने के लिए सहायक होता है।

नींबू: यह वजन कम करता है और बॉडी से दूषित पदार्थों को बाहर निकालता है। नींबू का जूस मोटापा कम करता है। यदि पेट में कीड़े हो तो सुबह कुनकुने पानी में एक नींबू का रस मिलाकर खाली पेट पिए कीड़े मरकर मल के साथ बाहर निकल आते हैं। प्राकृतिक चिकित्सा में भी सभी रोगियों सुबह और शाम एक ग्लास नींबू पानी दिया जाता है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।