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कच्ची हल्दी, डायबिटीज और अधिक वजन में भी फायदेमंद, इस तरह करें सेवन

इस मौसम में कच्ची हल्दी मिलने लगती है। चोट, घावों, सूजन, इंफेक्शन, सर्दी-जुकाम आदि को दूर करने में यह फायदेमंद है। कच्ची हल्दी को दूध में उबालकर पीने से सर्दी-जुकाम, खांसी, इंफेक्शन आदि दूर होने के साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इसमें कैंसर से बचाव के भी गुण होते हैं। इसमें मिलने वाला करक्यूमिन वजन और बॉडी मास इंडेक्स को कम करने में मददगार होता है।
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जयपुर

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Jyoti Kumar

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Updated: 24 Sep 2023, 4:06 PM IST

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इस मौसम में कच्ची हल्दी मिलने लगती है। चोट, घावों, सूजन, इंफेक्शन, सर्दी-जुकाम आदि को दूर करने में यह फायदेमंद है। कच्ची हल्दी को दूध में उबालकर पीने से सर्दी-जुकाम, खांसी, इंफेक्शन आदि दूर होने के साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इसमें कैंसर से बचाव के भी गुण होते हैं। इसमें मिलने वाला करक्यूमिन वजन और बॉडी मास इंडेक्स को कम करने में मददगार होता है।

डायबिटीज के मरीज यदि इसे खाते हैं तो उनका ब्लड शुगर भी नियंत्रित रहता है। अपच, गैस, डायरिया आदि से परेशान हैं, तो कच्ची हल्दी को पानी में उबालकर पीएं। चोट या सूजन पर इसके पेस्ट को गर्म कर बांधने से आराम मिलता है।

ऐसे करें प्रयोग
कोशिश करें कि सर्दी के सीजन में कच्ची हल्दी को ही उपयोग में लें। इसका उपयोग अचार, सब्जी बनाकर भी कर सकते हैं। चाय में भी इसे मिला सकते हैं। सबसे ज्यादा इसको रात में सोने से पहले दूध में उबालकर लिया जाता है।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।