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इन 3 जगहों पर दर्द, हाई कोलेस्ट्रॉल का खतरनाक संकेत

Pain sign in Cholesterol: इन 3 जगहों पर होने वाले दर्द की वजह है नसों में जमी वसा, पहचानिए हाई कोलेस्ट्रॉल का ये संकेत
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जयपुर

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Manoj Vashisth

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Updated: 10 Nov 2023, 3:35 PM IST

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3 signs of high cholesterol, don't ignore them

Cholesterol Symptoms: नसों में जब वसा का जमना बढ़ता है तो इससे ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होने लगता है और ये खतरे का संकेत होता है। अगर शरीर में तीन जगह पर दर्द हो रहा तो इसे इग्नोर न करें।

बैड कोलेस्ट्रॉल जब शरीर में जमा होता है तो इसके लक्षण असानी से सामने नहीं आते, लेकिन जब आते हैं तब ये खतरे के निशान पर होता है। इसलिए इन संकेतों को पहचान कर तुरंत इलाज शुरू कर देना चाहिए। डाइट, एक्सरसाइज और दवाएं इसे कंट्रोल करने में मददगार होती हैं।


बिगड़ी लाइफस्टाइल और फिजिकल एक्टिविटी न करने के कारण ही शरीर के साथ नसों में भी वसा का जमाव शुरू हो जाता है। यही आगे चलकर हाई कोलेस्ट्रॉल का कारण बनता है और इससे अन्य बीमारियां जैसे ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हार्ट अटैक , कोरोनरी आर्टरी डिजीज , ट्रिपल वेसेल डिजीज बीमारियों का खतरा बढ़ता है।
खून में कितना होना चाहिए कोलेस्ट्रॉल?
तय मानको के मुताबिक हेल्दी एडल्ट्स में 200 मिलीग्राम/डीएल तक कोलेस्ट्रॉल होना चाहिए, अगर यही लेवल 240 मिलीग्राम/डीएल के पार पहुंच जाए तो समझ जाएं कि खतरा बढ़ चुका है और आपको अपनी जीवनशैली और खान पान में बदलाव लाने की जरूरत है।

कहीं आपको पेरिफेरल आर्टरी डिजीज तो नहीं?
खून में अगर कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाए तो पेरिफेरल आर्टरी डिजीज (Peripheral Artery Disease) का खतरा बढ़ता है। इससे धमनियों को नुकसान पहुचता है और धमनियां सिकुड़ने लगती हैं और ब्लड सही से शरीर हर अंग तक नहीं पहुंच पाता।

शरीर के इन हिस्सों में होता है तेज दर्द
पेरिफेरल आर्टरी डिजीज (PAD) होने शरीर में खून का प्रवाह बाधित होता है। अगर आपके जांघों, कूल्हों और पैरो में तेज दर्द बना रहता है तो ये संकेत हाई कोलेस्ट्रॉल के हो सकते है। ऐसा होने पर आपको तुरंत अपने कोलेस्ट्रॉल की जांच करानी चाहिए।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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