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मानसून में बढ़ा गुलाबी आंखों का कहर, किसी आखों में डूबे तो हो सकता है इंफेक्‍शन

Eye Flu Home Remedies: पुरे देश में मानसून का दौर चालू है। बारिश के महीने में कई मौसमी बीमारियों का कहर बढ़ जाता है। इसी क्रम में कई राज्यों में आई फ्लू अपना कहर बरपा रहा है। दिल्ली-एनसीआर में स्थिति ज्यादा खराब है। दिल्ली के साथ साथ आसपास के इलाकों में भी आई फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं।
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जयपुर

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Manoj Vashisth

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Updated: 28 Jul 2023, 2:27 PM IST

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Eye Flu Home Remedies

Eye Flu Home Remedies: पुरे देश में मानसून का दौर चालू है। बारिश के महीने में कई मौसमी बीमारियों का कहर बढ़ जाता है। इसी क्रम में कई राज्यों में आई फ्लू अपना कहर बरपा रहा है। दिल्ली-एनसीआर में स्थिति ज्यादा खराब है। दिल्ली के साथ साथ आसपास के इलाकों में भी आई फ्लू के मामले बढ़ रहे हैं।

आई फ्लू को 'पिंक आई' और 'कंजंक्टिवाइटिस' के नाम से भी जाना जाता है, जो आंखों को प्रभावित करती है। बारिश के मौसम में आई फ्लू होना एक आम समस्या है। देश के अधिकांश भागों में बाढ़ आई हुई है। इसी कारण बड़ी संख्या में लोग आई फ्लू का सामना कर रहे है। चूंकि यह एक तरह का संक्रमण है, इसलिए जो भी पीड़ित व्यक्ति के कॉन्टैक्ट में आता है, उनमें भी कंजंक्टिवाइटिस होने का खतरा बढ़ जाता है।

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आई फ्लू या कंजंक्टिवाइटिस तकरीबन 5 दिनों तक रह सकता है। डॉक्टर का कहना है कि ये न तो हवा के जरिए फैलती है और ना ही आई कॉन्टैक्ट करने से फैलती है। कंजंक्टिवाइटिस किसी को तब प्रभावित करता है, जब वो किसी संक्रमित व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल की गई चीजों का इस्तेमाल करता है।

Eye Flu symptoms क्या हैं इस बीमारी के लक्षण?
आई फ्लू या कंजंक्टिवाइटिस के बाद आंखों का सफेद हिस्सा पूरी तरह से गुलाबी और लाल पड़ जाता है। मरीज को आंखों में खुजली और दर्द की शिकायत रहती है। लगातार पानी निकलता रहता है। इस के कारण विज़न ब्लर या धुंधला हो जाता है। आंखें सूज जाती है। लेकिन इस बीमारी का आंखों की रोशनी पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ता है, हालांकि आपको कुछ समय के लिए धुंधला जरूर दिखाई दे सकता है।

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कैसे करें अपना बचाव?

1. साफ-सफाई का ध्यान रखें

2. हाथों को बार-बार धोना चाहिए ।

3. आंखों को बार-बार न छुएं नहीं तो संक्रमण बढ़ सकता है ।

4. किसी के भी साथ अपना तौलिए, बिस्तर या रूमाल शेयर न करें।

5. कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल ना करें ।

6. दवा हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही ले ।

7. स्विमिंग पूल में नहाने से बचे ।

8. संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर रखे ।

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Treatment of eye flu or pink eyes आई फ्लू या पिंक आइज का इलाज

गुलाबी आंखे या पिंक आइज आमतौर पर 5 दिनों में सामान्य दवाओं से ठीक हो जाती है। डॉक्टर एंटीबायोटिक आई ड्रॉप्स लेने की सलाह देता है । चूंकि यह वायरल संक्रमण के कारण भी होता है, इसलिए हर बार एंटीबायोटिक्स की जरूरत नहीं होती है। यही कारण है कि बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा आंखों में नहीं डालनी चाहिए।

गर्मी के दिनों में ज्यादा देर धूप में जाने से बचें। इस तरह की दिक्कतों से बचे रहने के लिए आंखों की साफ-सफाई का ध्यान रखें, आंखों को ठंडे पानी से धोते रहें। आंखों को छूने से पहले हाथों को साफ करें।

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घरेलू उपाय

आंखों पर टी बैग
आई फ्लू में तेज दर्द, सूजन और जलन होती है। ऐसे में आंखों को आराम देने के ल‍िए टी बैग से बेहतर कोई नहीं कर सकता है। कुछ तरह की चाय में एंटी इंफ्लेमेटरी और सूथिंग यानी आराम देने वाले गुण होते हैं। आंखों पर टी बैग का उपयोग सूजन को कम करने का एक प्रभावी तरीका हो सकता है।

ठंडा पानी

बेशक ठंडे पानी की सिकाई करने से आंखों का संक्रमण ठीक नहीं होता है लेकिन इसके लक्षणों को कम करने में जरूर मदद मिलती है। इसके लिए एक कपड़े को ठंडे पानी में भिगोकर धीरे-धीरे अपनी आंखों पर लगाएं। अपनी आंख पर जोर से न दबाएं या सीधे अपनी आंख या पलक पर बर्फ न लगाएं।

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गर्म पानी से सिकाई
गर्म पानी की सिकाई से आपको राहत मिल सकती है। इससे आंखों के आसापास होने वाली सूजन भी कम होती है। इसके लिए एक कपड़े को गर्म पानी में भिगोकर धीरे से अपनी आंख पर लगाएं। पानी बहुत गर्म न हो। उपयोग किया जाने वाला कपड़ा साफ होना चाहिए।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।