
सिर दर्द, डाइट, कोहनी का कालापन, पढ़ाई मेें कैसे लगाए मन व घुटने के दर्द का जानें इलाज
सवाल: मेरे सिर में दर्द रहता है। तेल लगाने पर ये झड़ते हैं। कोई आयुर्वेदिक उपाय बताए? पूजा ठाकुर, श्रीगंगानगर
जवाब: सिर दर्द के कई कारण हो सकते हैं। एसिडिटी, कब्ज, गर्दन में दर्द, आंखों में चश्मा होने, काफी समय तक जुकाम रहने, टेंशन आदि कारणों से ये हो सकता है। स्किल ऑयली हो। ज्यादा मात्रा में तेल लगाया जा रहा हो या फिर तेल में कपूर की मात्रा ज्यादा होने पर बाल झड़ते हैं। सिर दर्द की जांच करवाएं। विशेषज्ञ की सलाह लें। बीमारी के हिसाब से दवा दी जाती है।
सवाल: मेरे हाथों के कोहनी काली हो गई है। कोई घरेलु उपाय बताए? एक दर्शक
जवाब: हाथों की कोहनी काली गई है तो इसे ठीक करने के लिए मलाई को दही, या फिर बेसन में डालकर कोहनी पर स्क्रब करें। शहद व नींबू को मिलाकर भी लगाया जा सकता है। आलू को घिसे और स्क्रब करने से भी फायदा मिलेगा।
डॉ. गोपेश मंगल, आयुर्वेद विशेषज्ञ
सवाल: मेरा पढ़ाई में ध्यान नहीं लगता है। क्या करूं? एक दर्शक
जवाब: परीक्षा के समय छात्रों में तनाव व घबराहट बढऩे से इसका असर याद्दाश्त व एकाग्रता पर पड़ता हैं। यदि परीक्षा के समय कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो फायदा होगा।
अध्ययन का तरीका: परीक्षा के दौरान लिखकर एवं बोलकर याद करने से एकाग्रता बढ़ती है।
रिवीजन: पहली बार पढ़ा गया शॉर्ट टर्म मेमोरी रहता है। रिवीजन इसे लॉन्ग टर्म मेमोरी में बदल देता है।
ऐसे बढ़ेगी एकाग्रता
ब्रेक : मानव मस्तिष्क की एकाग्रता 40-45 मिनट तक रहती है। 45 मिनट अध्ययन करने के बाद 5 मिनट के लिए ब्रेक लेना चाहिए।
व्यायाम: रोज 20 मिनट कसरत करने से याद्दाश्त और एकाग्रता बढ़ती है।
आहार: बादाम, टमाटर, ग्रीन टी, पत्तेदार सब्जियां, फल व संतुलित आहार याद्दाश्त के लिए अच्छा है।
नींद: शरीर व मस्तिष्क को आराम देने के लिए 7-8 घंटे की नींद जरूरी होती है।
सकारात्मक विचार: अपनी भावनाओं पर संयम रखें। सकारात्मक सोचें। शांत रहकर पूरा पेपर पढ़ें। निश्चित समय में प्रश्नपत्र को पूरा करने का प्रयास करें।
करें मनोरंजन
परीक्षा के दौरान कुछ समय मनोरंजन को भी दें। इससे दिमाग को आराम मिलता है। कुछ समय के लिए पसंद का संगीत भी सुना जा सकता है।
डॉ. अनिता गौतम, वरिष्ठ मनोचिकित्सक, जयपुर
सवाल: मेरे घुटनों में दर्द है। दर्द मिटाने के लिए क्या करें? एक दर्शक
जवाब: घुटनों में दर्द के कई कारण हो सकते हैं। दर्द उम्र के हिसाब से होता है। यदि उम्र पचास साल की है तो घुटने घिसने के कारण दर्द हो सकता है। चोट लगने, मांसपेशी खींचने या फिर कोई गांठ होने के कारण दर्द हो सकता है। किसी हड्डी रोग विशेषज्ञ को दिखाएं। कुछ जांच होगी। दर्द कारण जानने के बाद इलाज किया जा सकता है।
डॉ. राजकुमार हर्षवाल, हड्डी रोग विशेषज्ञ, जयपुर
सवाल: फिटनेस के लिए क्या करें। जिम जाने के बाद खाए या पहले क्या खा सकते हैं। सुबह से रात तक क्या खाए? एक दर्शक
जवाब: सुबह उठकर दो गिलास (गुनगुना बेहत्तर) पानी पीएं। इससे पेट व उसका पाचन सही रहता है। इसके बाद कम से कम 45 मिनट तक वॉक करनी चाहिए। इससे दिनभर शरीर में ऊर्जा बनी रहती है। इसके बाद नाश्ता लेना चाहिए। नाश्ता भारी होना चाहिए। इसमें पोहा, उपमा, इडली सांभर, दूध दलिया लिया जा सकता है। नाश्ता भारी होने के कारण ये आसानी से दिनभर में पच जाता है। इससे गैस, एसिडिटी नहीं होती। इसके साथ ही अखरोट या फिर बादाम लिए जा सकते हंै। ये दोनों दिमाग के लिए फायदेमंद है। प्रतिदिन कम से कम चार से पांच बादाम खाने चाहिए। एक से दो अखरोट लेने चाहिए। जरूरी नहीं है कि ये दोनों सीधे तौर पर खाएं जाए इसे भीगों कर भी खाया जा सकता है। इन्हें रात का भीगों कर रख दे सुबह खा लें। लंच को बारह से दोपहर एक बजे तक कर लेना चाहिए। लंच खाने से पूर्व कुछ न कुछ तरल पदार्थ जरूर ले लें। नारियल पानी या फिर नींबू पानी लिया जा सकता है। यदि फू्रट जूस लेते हैं तो इससे अच्छा है कि सीधे तौर पर फल ही खाएं। दोपहर के लंच के साथ सलाद जरूर लें। पाचन तंत्र के लिए फाइबर लाभदायक है। लंच में चपाती के साथ एक सूखी एवं एक तरी वाली सब्जी खाई जा सकती है। लंच सही समय पर लेने से ये आसानी से पच जाता है। पाचनतंत्र भी अच्छा रहता है। शाम चार बजे तरल चीजें ली जा सकती है। इसमें नींबू, नारियल पानी या फिर अन्य कोई सूप भी लिया जा सकता है। साथ ही बिस्किट भी लिए जा सकते हैं। तरल शरीर के लिए फायदेमंद होता है। ये डिहाइड्रेशन की समस्या से बचता है। शाम को छह बजे स्पाउट्स या फिर भूने हुए चने खाएं जा सकते हैं। या फिर सूप लिया जा सकता है। इससे शरीर में ऊर्जा बनी रहेगी। रात्रि को डिनर हल्का होना चाहिए। डिनर रात्रि आठ बजे तक ले लें। इसमें खिचड़ी, दलिया या फिर दो चपाती ली जा सकती है। चपाती के साथ सब्जी ली जा सकती है। रात्रि को सोने से कम से कम पैंतालीस मिनट पूर्व एक गिलास दूध लिया जा सकता है। ऐसा नहीं होना चाहिए कि सोने जा रहे हो और इसी दौरान दूध पी लें। दूध शरीर में कैल्शियम की कमी को तो पूरा करता ही है साथ ही इसे पीने से पाचन भी बढिय़ा रहता है। हमें प्रतिदिन पांच ग्राम घी व करीब बीस मिलीलीटर ऑयल खाने में लेना चाहिए। सब्जी में ऑयल को बदल-बदल कर लिया जा सकता है।
सृष्टि भारद्वाज, डायटीशियन
Updated on:
11 Mar 2019 02:35 pm
Published on:
11 Mar 2019 02:35 pm
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