30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Study: रिसर्च में हुआ खुलासा, महिलाएं अधिक कब्ज से होती हैं पीड़ित, लेकिन पुरुष वॉशरूम में अधिक बिताते हैं समय

कब्ज, जिसे अनियमित मल त्याग के रूप में वर्णित किया गया है, यदि इलाज न किया जाए तो यह बेहद असुविधाजनक और चिंताजनक हो सकता है। हालांकि वृद्ध लोगों में कभी-कभी कब्ज होना आम बात है, एक नए सर्वेक्षण से पता चला है कि पुरुषों की तुलना में महिलाएं पेट की इस समस्या से अधिक प्रभावित होती हैं।
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Jyoti Kumar

•

Updated: 9 Jul 2023, 3:14 PM IST

constipation_relief.jpg

कब्ज, जिसे अनियमित मल त्याग के रूप में वर्णित किया गया है, यदि इलाज न किया जाए तो यह बेहद असुविधाजनक और चिंताजनक हो सकता है। हालांकि वृद्ध लोगों में कभी-कभी कब्ज होना आम बात है, एक नए सर्वेक्षण से पता चला है कि पुरुषों की तुलना में महिलाएं पेट की इस समस्या से अधिक प्रभावित होती हैं। यूके की आबादी के एक वर्ग का अध्ययन करते हुए, द बिग पू रिव्यू नाम के सर्वेक्षण में विभिन्न लिंगों की के बारे में कुछ दिलचस्प जानकारियां सामने आईं। सर्वेक्षण में 18 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के लगभग 142,768 लोगों ने भाग लिया, जिसमें 110,627 महिलाओं, 32,023 पुरुषों और 118 अन्य लोगों की आंत्र आदतों के बारे में डेटा एकत्र किया गया।

यह भी पढ़ें- Brain Eating Amoeba: जानिए क्या है 'दिमाग खाने वाला अमीबा', जो ले लेता है इंसानों की जान

रिकॉर्ड किए गए डेटा का विश्लेषण करते हुए, अध्ययन इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि लगभग 21 प्रतिशत प्रतिभागी कब्ज से पीड़ित थे। मामले महिलाओं में अधिक थे क्योंकि 23 प्रतिशत से अधिक महिला प्रतिभागियों को कम मल त्याग की समस्या थी, जबकि लगभग 13 प्रतिशत पुरुष प्रभावित थे।

बिग पू रिव्यू ने प्रतिभागियों के बीच डायरिया के मामलों की पहचान की और आंकड़ों में पुरुषों का वर्चस्व रहा। लगभग 17.5 प्रतिशत पुरुष प्रतिभागी डायरिया से संबंधित समस्याओं से पीड़ित थे, जबकि 14.7 प्रतिशत महिलाओं ने इस समस्या की सूचना दी। लेकिन महिलाएं चिड़चिड़ा आंत्र सिंड्रोम (आईबीएस) से अधिक प्रभावित थीं, एक पाचन समस्या जो तीव्र पेट में ऐंठन, सूजन, दस्त और कब्ज की समस्या से पीड़ित थी। बिग पू रिव्यू के अनुसार, लगभग 10.1 प्रतिशत पुरुषों में आईबीएस था, जबकि 19.1 प्रतिशत महिलाओं ने इस स्थिति की सूचना दी।

यह भी पढ़ें- Kidney Patients Diet: किडनी से संबंधित बीमारी वाले को बिल्कुल नहीं करनी चाहिए इन 11 खाद्य पदार्थ सेवन

सर्वेक्षण से पता चला कि पुरुष वॉशरूम में अधिक समय बिताते हैं। हालांकि, अमेरिका के एक प्रख्यात गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. विल बुलसिविज़ के अनुसार, शौचालय में अधिक समय बिताना अच्छा विचार नहीं है क्योंकि बैठने से रक्त व्यक्ति के निचले हिस्से के आसपास के ऊतकों में प्रवेश कर जाता है, जिससे बवासीर बढ़ जाती है।

आइए कब्ज से लड़ने के कुछ घरेलू उपचारों पर एक नज़र डालें:-

कब्ज से लड़ने की दिशा में पहला कदम निर्जलीकरण से बचने के लिए रोजाना पर्याप्त पानी पीना है।

जो लोग कब्ज से परेशान हैं वे तेजी से राहत के लिए कार्बोनेटेड पानी भी आज़मा सकते हैं।

यह भी पढ़ें: Exercise During Periods: पीरियड्स के दौरान जरूर करना चाहिए व्यायाम, मिलते हैं 5 गजब के फायदे

फाइबर युक्त भोजन को नियमित आहार में शामिल करना चाहिए क्योंकि यह मल त्याग की मात्रा और स्थिरता को बढ़ाने में मदद करेगा।

सुबह-सुबह कॉफी का सेवन करने से बाथरूम जाने की इच्छा बढ़ सकती है।

कॉफी में मौजूद घुलनशील फाइबर के कारण, यह आंत के बैक्टीरिया के संतुलन को बेहतर कर सकता है।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

बड़ी खबरें

View All

रोग और उपचार

स्वास्थ्य

ट्रेंडिंग

लाइफस्टाइल