
खड़े ट्रक में जा घुसी स्लीपर बस. Photo- Patrika
Gujarat Bus Accident: डूंगरपुर। गुजरात के वड़ोदरा के समीप बुधवार तड़के भीषण सड़क हादसे में चालक-परिचालक सहित 8 लोगों की मौत हो गई। वहीं 29 यात्री घायल हो गए। मृतकों में 9 साल का बच्चा भी शामिल है। हादसा वडोदरा-हालोल मार्ग पर कोटंबी गांव के समीप हुआ। जहां तेज रफ्तार स्लीपर बस खड़े ट्रक में पीछे से जा घुसी। बस में करीब 40 यात्री सवार थे, जिनमें अधिकांश राजस्थान के डूंगरपुर व बांसवाड़ा जिले के थे। घायलों को गुजरात के स्थानीय चिकित्सालय में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार बालाजी ट्रेवल्स की बस में बांसवाड़ा व डूंगरपुर जिले के यात्री भी सवार थे। तड़के वडोदरा के काेटंबी के समीप तेज रफ्तार बस सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई। टक्कर के बाद बस के आगे का भाग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। जब हादसा हुआ तब अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे।
अचानक हुए हादसे के बाद कई यात्री अंदर ही फंस गए। सूचना पर जारोद थाना पुलिस, वडोदरा फायर ब्रिगेड सहित बचाव दलों ने पहुंचकर कटर, क्रैन व जेसीबी की मदद से बस की लोहे की बॉडी को काटकर यात्रियों को बाहर निकाला एवं स्थानीय चिकित्सालय में उपचार के लिए भर्ती कराया।
हादसे में डूंगरपुर निवासी पिंकी नाई (30), महेंद्र कुमार पंड्या (68), विनोद डामोर (30), चालक मुकेश डिंडोर (34), प्रकाश डामोर (30), प्रीत भाटिया (9), राजेंद्र कटारा (30) तथा सहचालक सुरेश डेंडोर (25) की मौत हो गई।
बस में गरियता गांव के दिनेश मसार को भगवान ने जीवनदान देते हुए बचा लिया। वह अपना इलाज कराकर बुधवार शाम को सकुशल अपने गांव लौट आया। दिनेश मसार ने 'पत्रिका' से बात करते हुए बताया कि वह मंगलवार शाम 6 बजे बडगी बस स्टैंड से इसी बस में सवार हुआ था। दिनेश सूरत में एक चाय की थड़ी पर कार्य करता है। कुछ दिन पहले वह अपने घर आया था। वापस लौटने के लिए मंगलवार शाम को बडगी से रवाना हुआ।
बस में सवार होते हुए हमेशा की तरह मुकेश डिंडोर स्टेरिंग पर बैठे हुए मिला। मुकेश ने उसे हालचाल पूछते हुए अपने पास बैठा दिया। इसके बाद दिनेश का मित्र बामनियावडा से बस में सवार हुआ। कुछ दूर चलने के बाद चिखली सकोदरा से उसके मामा का लड़का मुकेश डामोर भी बस में चढ़ गया। तीनों की पुरानी दोस्ती होने के कारण बस की अंतिम सीट पर जाकर बैठ गए। बस में लगभग सभी सवारी वागड़ की भरी हुई थी। बस करीब 9 बजे के आसपास लुणावाड़ा हाईवे के आगे चाय-नाश्ता और खाने के लिए रुकी थी।
उस समय तीनों दोस्तों ने नीचे उतरकर चाय पी थी। वही ड्राइवर मुकेश ने खाना भी खाया था। कुछ देर बार बस के ढाबे से रवाना होने के बाद तीन दोस्त और ड्राइवर ने रात दो बजे तक बातें की। मुकेश ने अपने परिवार और खेतों की स्थिति के बारे में बताया। वहीं वागड़ में बेरोजगारी को लेकर रात 2 बजे तक चारों ने मिलकर चर्चा करने लगे। इसके बाद दिनेश अपने तीन दोस्तों के साथ मिलकर बस की अंतिम सीट पर जाकर सो गया। करीब एक डेढ़ घंटे बाद जोरदार विस्फोट के साथ गाड़ी के टकराने की आवाज आई। मैं भी उछलकर केबिन से टकरा गया।
आंख खुली तो देखा कि बस में लोग चिल्ला रहे हैं। दिनेश खिड़की का कांच तोड़कर बाहर निकला। उसी समय उसके मामा के लड़का मुुकेश डामोर भी बहोश होकर पड़ा था। उसने मामा के लड़के को जगाकर बाहर निकाला। उसी समय बामणियावाड़ा के दोस्त को बाहर निकाला गया। तीनों को पुलिस और एम्बुलेंस की सहायता से वडोदरा अस्पताल में भर्ती कराया। जहां पर तीनों को गंभीर चोट नही लगी। इसके बाद दोपहर को उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया। दिनेश अपने दोस्तों के साथ पुन: गरियता गांव पहुंच गया।
Updated on:
18 Jun 2026 08:34 am
Published on:
17 Jun 2026 05:55 pm
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