
रामसौर। आदर्श गांव उदडीया का दो मंजिला स्कूल भवन। पत्रिका फोटो
World Tribal Day Special : डूंगरपुर जिले के चौरासी विधानसभा क्षेत्र के चीखली उपखंड क्षेत्र के करीब ढाई हजार की आबादी वाले उदड़िया गांव में हर चौथे घर में एक सरकारी कर्मचारी-अधिकारी है। गांव में 40 से अधिक सरकारी सेवा में हैं, इनमें भी करीब आधा दर्जन उच्च पदों पर सेवाएं दे रहे हैं। सागवाड़ा चिकित्सालय में ऑथोपेडिक सर्जन के रुप में डा. हितेश डामोर एवं उनकी पत्नी डा. ज्योति डामोर दोनों सागवाड़ा चिकित्सालय में ही चिकित्सक के पद पर कार्यरत है। गांव की लीलावती खांट सीनियर नर्सिग अधिकारी के तौर पर सीएचसी चीखली में सेवाएं दे रही है। वहीं, कई कार्मिक एएनएम, सीएचओ, व्याख्याता, शारीरिक शिक्षक, वरिष्ठ अध्यापक एवं शिक्षक, एईएन, जेटीए, छात्रावास अधीक्षक, शिक्षा विभाग में सहायक प्रशासनिक अधिकारी आदि पर कार्यरत हैं।
गांव के लक्ष्मणलाल भमात व खेमराज डामोर ने बताया कि आजादी के बाद से गांव के वजाजी पुत्र हलुजी भमात ने यहां शिक्षा की जोत जगाई थी। सन 1953 में पहले सरकारी शिक्षक बने। इसके बाद गांव के रूपलाल डामोर लेबर कमिश्नर पद तक पहुंचे। शंभुलाल भमात भारतीय रेलवे बोर्ड में जोन इंजीनियर के पद से सेवानिवृत्त हुए।
यहां के युवाओं में प्रतियोगिता परीक्षाओं को लेकर जबरदस्त होड़ हैं। गांव से उच्च पदों से सेवानिवृत्त हुए अधिकारी-कार्मिक इन युवाओं को सरकारी सेवा के लिए सतत मार्गदर्शन दे रहे हैं। गांव का सामाजिक ताना-बाना बुनते हुए आने वाली पीढ़ी को शिक्षा पर केन्द्रित कर रहे हैं। गांव की साक्षरता दर 90 फीसदी के उपर है। गांव के युवा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी करवाते हैं।
Published on:
09 Aug 2025 04:07 pm
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