
दुर्ग. कोरोना संकट को देखते हुए 18 वर्ष से अधिक आयु के अंत्योदय कार्डधारियों (Antyodaya card holders) का टीकाकरण शुरू कराया गया है, लेकिन जिले के अंत्योदय कार्डधारी टीका लगवाने केंद्रों में नहीं पहुंच रहे हैं। शहरी इलाकों में हितग्राहियों की संख्या ज्यादा होने के बाद भी टीकाकरण केंद्र खाली हैं। इसे देखते हुए अब ऐसे हितग्राहियों को खोजकर केंद्रों तक पहुंचाने का निर्णय लिया गया है। इसकी जिम्मेदारी खाद्य विभाग व नगरीय निकायों के अधिकारियों को दी गई है। अधिकारी खाद्य विभाग की सूची के अनुसार हितग्राहियों की पहचान कर उन्हें टीका लगवाने प्रेरित करेंगे। ऐसा नहीं किया तो अफसरों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
दो दिन में लगे केवल 424 टीके
दुर्ग जिले में 70 हजार 151 अंत्योदय कार्डधारी परिवार हैं। इनमें सदस्यों की संख्या करीब 2 लाख 10 हजार है। औसत परिवारों में एक से दो सदस्य पात्रता की श्रेणी में हुए तब भी करीब सवा लाख हितग्राही माने जा रहे हैं, लेकिन पिछले दो दिनों में केवल 424 हितग्राहियों ने टीके लगवाएं है। पहले दिन 169 और दूसरे दिन 255 लोगों ने टीके लगवाए।
कार्ड में लगेगा प्रमाण में सील
अंत्योदय श्रेणी के हितग्राहियों के टीकाकरण के प्रमाण स्वरूप कार्ड में नाम के सामने सील लगाया जाएगा। इसके लिए हितग्राहियों को सेंटरों में राशन कार्ड लेकर आना होगा। इसके साथ ही उम्र को प्रमाणित करने के लिए हितग्राहियों को आधार कार्ड भी लेकर आना होगा। आधार कार्ड के आधार पर हितग्राही का पोर्टल में पंजीयन किया जाएगा।
दुकान संचालकों को भी निर्देश
खाद्य विभाग व नगरीय निकायों के हितग्राहियों के साथ राशन दुकान संचालकों को ऐसे हितग्राहियों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करने कहा गया है। कहा गया है कि हितग्राही जब राशन लेने आए तो उन्हें सामान देने से पहले टीका लगवाने के संबंध में जरूर पूछे और नहीं लगवाने की स्थिति में उन्हें प्रेरित करें। सीपी दीपांकर खाद्य नियंत्रक दुर्ग ने बताया कि अंत्योदय कार्डधारी पात्र हितग्राहियों का टीकाकरण कराया जा रहा है। शासन के निर्देश के मुताबिक ज्यादा से ज्यादा लोगों को जल्द से जल्द टीका लगाया जा सके, इसके लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसी संबंध में संबंधितों को निर्देश जारी किए गए हैं।
Updated on:
04 May 2021 10:42 am
Published on:
04 May 2021 10:42 am
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