
जमीन-मकान की रजिस्ट्री हुई महंगी! (photo-patrika)
CG Registry 2025: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में वित्तीय वर्ष के आखिर में रियल एस्टेट कारोबार जबरदस्त रहा। इसका प्रमाण साल के आखिरी के सवा महीने में कराई गई रजिस्ट्रियां हैं। जिले में फरवरी के तीसरे सप्ताह तक टार्गेट का महज 56 फीसदी ही रजिस्ट्रियां हो पाई थी, लेकिन यह 31 मार्च की शाम 5 बजे तक 90 फीसदी के पार पहुंच गया।
इस तरह सवा महीने में ही करीब 35 फीसदी रजिस्ट्रियां कराई गई। 31 मार्च की शाम 5 बजे तक 40 हजार 523 रजिस्ट्रियां कराई जा चुकी थी। इससे सरकारी खजाने में 377 करोड़ 80 लाख से ज्यादा जमा हो चुके थे। इस बार रजिस्ट्री से 420 करोड़ का लक्ष्य है। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद पूर्ववर्ती सरकार द्वारा रजिस्ट्री में गाइड लाइन की दर में दी गई छूट को हटा दिया गया था।
इसके चलते साल की शुरूआत से ही जिले में रियल एस्टेट का कारोबार मंदा चल रहा था। इसके बाद इस साल का अधिकतर समय स्थानीय निकाय और पंचायतों के चुनाव में चला गया। इस बीच कारोबार मंदा बना रहा। इसके चलते फरवरी के तीसरे सप्ताह तक महज 56.20 फीसदी ही रजिस्ट्री हो पाई थी। इसके बाद रजिस्ट्री की संख्या में अचानक उछाल आया और अब यह संख्या 90 फीसदी से भी आगे चला गया है।\
रजिस्ट्री की संख्या में बढ़ोतरी को नए कलेक्टर गाइड लाइन में दरों में संभावित बढ़ोतरी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। लोग यह मानकर चल रहे हैं कि नए वित्तीय वर्ष में रजिस्ट्री शुल्क में वृद्धि हो सकती है। हालांकि अभी इस दिशा में कोई दिशा निर्देश जारी नहीं की गई है।
रजिस्ट्री शुल्क को लेकर मूल्यांकन समिति की बैठक भी नहीं हुई है। फिर भी लोग यह मान कर चल रहे हैं कि नए वित्तीय वर्ष में सरकार रजिस्ट्री शुल्क बढ़ा सकती है। इसी वजह से वित्तीय वर्ष के अंतिम तीन महिने में सबसे अधिक रजिस्ट्रियां हुई है। मार्च के आखिरी दिन भी बड़ी संख्या में लोग रजिस्ट्री करवाने पंजीयन कार्यलय पहुंचे थे। देर रात तक लोग अपनी बारी का इंतजार करते रहे।
अभी रजिस्ट्रियां चल रही है, ऐसे में रजिस्ट्री और आय को लेकर वास्तविक आंकड़े बता पाना संभव नहीं है। रजिस्ट्री का काम पूरा होने के बाद आंकड़ों के मिलान किया जाएगा। इसके बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी। मार्च का आखिरी दिन है इसलिए रात तक रजिस्ट्री हो ही रही है।
30 मार्च को नवरात्रि के साथ हिन्दू नववर्ष की शुरूआत हुई। नवरात्रि और नव वर्ष की शुरूआत में जिले में 353 लोगों ने जमीन व भवन खरीदी-बिक्री की रजिस्ट्री कराई। इन रजिस्ट्रियों से पंजीयन विभाग को एक ही दिन में 4 करोड़ 64 लाख रुपए की आमदनी हुई। 30 मार्च को दस्तावेजों की संख्या ज्यादा होने के कारण देर रात तक रजिस्ट्री का क्रम चलता रहा।
रियल एस्टेट कारोबार में बूम की स्थिति को विशेषज्ञ अच्छा संकेत मान रहे हैं। जानकारों के मुताबिक जिले के लोग ज्यादा लाभ के बजाए कम जोखिम के साथ निवेश को पसंद करते है। इसलिए जोखिम कम होने के कारण मौजूदा स्थिति में जमीन व रियल एस्टेट किसी भी निवेश के लिए से ज्यादा सुरक्षित व बेहतर माना जा रहा है। इसलिए जमीन के कारोबार में खास फर्क नहीं आया।
वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन सोमवार को अवकाश के बाद भी रजिस्ट्री कार्यालय खोला गया। अंतिम दिन भी यहां रजिस्ट्री कराने वालों की कतार की स्थिति रही। अंतिम दिन रजिस्ट्री के लिए 314 लोगों ने टोकन लिया था। जबकि शाम 5 बजे तक 126 दस्तावेजों की रजिस्ट्री हो पाई थी। शेष टोकनधारी कतार में थे। इनकी रजिस्ट्री की प्रक्रिया रात दस बजे के बाद भी जारी थी। सभी दस्तावेजों की रजिस्ट्री के बाद आमदनी के आंकड़े बढ़ जाएंगे।
Updated on:
01 Apr 2025 12:04 pm
Published on:
01 Apr 2025 12:03 pm
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