दुर्ग जिले में लॉकडाउन 3 के लिए दिशा-निर्देश जारी, अब 26 अप्रेल तक रहेगी तालाबंदी, जानिए क्या खुलेगा, क्या रहेगा बंद

Lockdown in Durg: फेरी लगाकर बिक्री केवल सुबह 6 से दोपहर 2 बजे के बीच किया जा सकेगा। इस दौरान मंडियों, थोक व चिल्हर दुकानों को खोलने की अनुमति नहीं होगी।

By: Dakshi Sahu

Published: 18 Apr 2021, 09:58 AM IST

दुर्ग. दुर्ग जिले में एक बार फिर लॉकडाउन (coronavirus lockdown in Durg) की अवधि बढ़ा दी गई है। अब जिले में 26 अप्रेल तक तालाबंदी रहेगी। पहले 6 अप्रेल से 14 अप्रेल तक लॉकडाउन लगाया गया। फिर इसे बढ़ा कर 19 अप्रेल तक प्रभावी किया गया। अब दूसरी बार लॉकडाउन की मियाद बढ़ाकर 26 अप्रेल तक की गई है। इस दौरान जिले की सीमाएं पहले की तरह सील रहेंगी सार्वजनिक कार्यक्रमों की भी इजाजत नहीं होगी, लेकिन लॉकडाउन -2 की समाप्ति के बाद यानी 19 अप्रेल के बाद तय समयावधि फल, सब्जी और किराना सामानों की बिक्री की जा सकेंगी। खास बात यह है कि इन सामग्रियों की बिक्री सीधे दुकानों से नहीं की जा सकेंगी, इसकी जगह दुकानदार ठेलों के माध्यम से मोहल्लों व कॉलोनियों में फेरी लगाकर सामानों की बिक्री कर सकेंगे। इस बार घर-घर दूध बेचने वालों के साथ मिल्क पार्लरों को भी खोलने की अनुमति रहेगी, लेकिन उन्हें भी तय समय और कोरोना गाइड लाइन का पालन करना होगा।

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कलेक्टर ने जारी किया दिशा निर्देश
दुर्ग कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने शनिवार को शाम लॉकडाउन-3 का ऐलान करते हुए नए दिशा निर्देश जारी कर किए। जिसमें उन्होंने बताया है कि जिले में अब तक के लॉकडाउन के बाद भी कोरोना के प्रकरणों की संख्या और इससे होने वाली मौतों की संख्या चिंता का कारण बना हुआ है। मौजूदा हालात में लॉकडाउन खत्म करने अथवा मुक्त आवागमन या अन्य रियायत से लोगों की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो सकता है। ऐसे में लॉकडाउन की अवधि बढ़ाना आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा है कि लॉकडाउन की अवधि में जरूरतों की ध्यान में रखकर आंशिक रियायत दी गई है।

फेरी के लिए 8 घंटे की अनुमति
लॉकडाउन-3 में फल, सब्जी, अंडा और चावल, दाल, आटा, खाद्य तेल, नमक जैसे किराना सामान लोगों को उपलब्ध हो सकेंगे। इसके लिए किसानों और उत्पादकों से सीधे सामान खरीदकर गली-मोहल्लों व कॉलोनियों में स्ट्रीट वेंडर्स यानी ठेले वाले बिक्री कर सकेंगे। फेरी लगाकर बिक्री केवल सुबह 6 से दोपहर 2 बजे के बीच किया जा सकेगा। इस दौरान मंडियों, थोक व चिल्हर दुकानों को खोलने की अनुमति नहीं होगी।

सुबह-शाम दोनों समय खुलेंगे मिल्क पार्लर
इस बार लॉकडाउन में घर-घर दूध वितरण के साथ मिल्क पार्लर को भी खोलने की अनुमति रहेगी। मिल्क पार्लर सुबह-शाम दोनों समय खोले जा सकेंगे। मिल्क पार्लर सुबह 6 से 8 बजे और शाम को 5 से साढ़े 6 बजे तक खोले जा सकेंगे। पार्लर के सामने सोशल डिस्टेसिंग के नियम का पालन करना पड़ेगा। नियम का पालन नहीं करने पर पार्लर संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

विवाह, अंत्येष्टि, दशगात्र में अब केवल 10
तीसरे लॉकडाउन में आंशिक रियायत के बाद अंत्येष्टि, दशागात्र, विवाह जैसे जरूरी क्रियाकलापों में शामिल होने वाले लोगों की संख्या में कटौती कर दी गई है। पूर्व में ऐसे कार्यक्रमों में 50 लोगों को अनुमति दी गई थी। दूसरे लॉकडाउन में इसे घटाकर 20 किया गया, लेकिन अब तीसरे लॉकडाउन के दौरान ऐसे कार्यक्रम में केवल 10 लोग शामिल हो सकेंगे। इसके लिए भी प्रशासन से विधिवत अनुमति लेना आवश्यक होगा।

इन पर रहेगी बंदिश
0 जिले की सीमाएं पहले की तरह सील रहेंगी।
0 मंडिया, थोक व फुटकर सभी दुकानें बंद रहेंगी।
0 लॉकडाउन के दौरान सभी शराब दुकानें बंद रखी जाएंगी।
0 सभी धार्मिक, सांस्कृतिक व पर्यटन स्थल आम लोगों के लिए बंद।
0 सभा, जुलूस, धार्मिक व राजनीतिक आयोजन नहीं होंगे।

इन्हें सशर्त अनुमति
0अस्पताल, मेडिकल, क्लिनिक व पशु चिकित्सालय तय समय में खुलेंगे, लेकिन मेडिकल संचालकों को होम डिलिवरी को प्राथमिकता देना होगा।
0 राशन दुकानें खाद्य नियंत्रक की अनुमति पर तय मय में खुलेंगे, लेकिन कोरोना गाइड लाइन का पालन जरूरी होगा। टोकन के आधार पर खाद्यान्न वितरण किया जाएगा।
0 फल, सब्जी, अंडा, ग्रासरी स्ट्रीट वेंडर्स के माध्यम से सुबह 6 से दोपहर 2 के बीच बेचे जा सकेंगे। इस दौरान नियमों का उल्लंघन किया को ठेला जब्त कर अर्थदंड लगाया जाएगा।
0 दूध पार्लर व दूध वितरण, न्यूज पेपर हॉकर को सुबह 6 से 8 और शाम को 5 से साढ़े 6 बजे तक अनुमति। दूध पार्लर में केवल दूध बेचने की अनुमति रहेगी।
0 पैट शॉप, एक्वेरियम को पशुओं को चारा देने के लिए सुबह 6 से 8 बजे और शाम को 5 से साढ़े 6 तक खोलने की अनुमति।
0 टेलीफोनिक या ऑनलाइन आर्डर पर एलपीजी और गैस सिलेंडर की घर पहुंच सेवा।
0 मजदूरों को कैम्पस के भीतर रखकर उद्योग व निर्माण कार्य संचालन।
0 विवाह कार्यक्रम वर अथवा वधू के निवास में करने पर सशर्त अनुमति, लेकिन 10 लोग से ज्यादा शामिल नहीं हो सकेंगे। इसी तरह अंत्येष्टि, दशगात्र व मृत्यु संबंधी कार्यक्रमों में केवल 10 लोगों को अनुमति।
0 आपात स्थिति में 4 पहिया में ड्रायवर सहित अधिकतम 3, ऑटों मे ंड्रायवर के साथ 3 और दो पहिया में केवल 2 लोगों को अनुमति।

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