मरीज को ऑक्सीजन बेड की कमी के नाम पर नहीं भेजा जाएगा वापस, अस्पताल में हो दिक्कत तो पुलिस को करें फोन

सम्बंधित क्षेत्र के पुलिस व अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को शिद्दत के साथ समन्वय के साथ मरीजों को हॉस्पिटल भेजने व भर्ती कराने में मदद करने को कहा है।

By: Dakshi Sahu

Published: 19 Apr 2021, 11:57 AM IST

दुर्ग. दुर्ग जिले में कोरोना के बढ़ते संक्रमण (coronavirus in Durg) को देखते हुए लॉकडाउन के संबंध में कलेक्टर और एसपी ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की बैठक लेकर जारी गाइड लाइन की जानकारी दी। कलेक्टर ने कहा की पूर्व में निर्धारित लॉकडाउन (lockdown in durg) की अवधि में सभी अधिकारियों ने जिम्मेदारी के साथ कार्य किया है। इससे लॉकडाउन के उद्देश्यों को पूरा करने में मदद मिली है। यह कोरोना की बढ़ती रफ्तार को कम करने में कारगर साबित हुआ है। लॉकडाउन की अवधि अब 26 अप्रैल तक बढ़ा दी गई है। हमें आगे भी पूरी शिद्दत के साथ जवाबदेही से कार्य करना है।

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कंटेनमेंट जोन में सामग्री बिक्री नहीं
कलेक्टर ने गाइड लाइन की जानकारी देते हुए बताया कि जिले को कन्टेन्टमेंट क्षेत्र घोषित किया गया है। पूर्व जारी निर्देशों में कुछ आंशिक रूप से छूट दी गई है। अभी भी थोक सब्जी मार्केट पूर्ण रूप से बंद रहेगा लेकिन ठेलों के माध्यम से स्ट्रीट वेंडर फल, सब्जी और राशन का विक्रय कर सकते हैं किंतु शहरी क्षेत्रों के जिस मोहल्ले को कंटेन्मेंट क्षेत्र घोषित किया गया है वहां इसका विक्रय किया जाना प्रतिबंधित रहेगा।

एक दिन में 40 से 50 को राशन
कलेक्टर ने बताया कि लॉकडाउन में राशन दुकान खोलने की छूट रहेगी, लेकिन भीड़ से बचने एक दिन में केवल 40 से 50 लोगों को टोकन देकर राशन वितरण किया जाएगा। पैट शॉप, एक्वेरियम को केवल पशुओं को चारा देने के लिए खोला जाएगा। दूध के विक्रय समय मे बढ़ोतरी किया गया है। अब सुबह 6 से 8 बजे व शाम को 5 से 6.30 बजे विक्रय किया जाएगा।

स्ट्रीट वेंडर की होगी कोरोना टेस्ट
कलेक्टर ने कहा कि कोरोना के रोकथाम के लिए एक बार फिर से मेडिकल स्टोर संचालकों की कोरोना टेस्टिंग करवाए जाएंगे। रेलवे से सफर में आने वाले सभी यात्रियों का अनिवार्यता टेस्टिंग होती रहेगी। उन्होंने ठेलों के माध्यम से फल व सब्जी का विक्रय करने वाले स्ट्रीट वेंडरों का भी टेस्टिंग कराने कहा है।

अब पेशेंट नहीं भेजे जाएंगे वापस
कलेक्टर ने बैठक में स्पष्ट किया कि जिले में कोरोना के मरीजों के लिए पर्याप्त ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था की गई है। किसी भी मरीज को ऑक्सीजन बेड की कमी के नाम पर वापस नहीं भेजा जाए। उन्होंने सम्बंधित क्षेत्र के पुलिस व अनुविभागीय राजस्व अधिकारियों को शिद्दत के साथ समन्वय के साथ मरीजों को हॉस्पिटल भेजने व भर्ती कराने में मदद करने को कहा है। साथ ही साथ इमरजेंसी सेवा के लिए एम्बुलेंस भी उपलब्ध कराने कहा है।

संक्रमण रोकथाम के लिए प्रयास
बैठक में एसपी ठाकुर ने कहा कि अभी कोरोना का संक्रमण थमा नहीं है। हर स्तर पर हमारा प्रयास इसे रोकथाम के लिए होना चाहिए जिससे इस मुश्किल क्षण से निकला जा सके। इस अवधि में सभी प्रकार के आयोजन, सामाजिक कार्यक्रम, विवाह और मृत्यु भोज में केवल 10 लोगों के शामिल होने की अनुमति होगी।

Dakshi Sahu
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