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Exclusive: भारत बंद+बाढ़+हड़ताल = 2.25 लाख करोड़ की चपत

ट्रक हड़ताल से लेकर बाढ़ आैर भारत बंद तक देश की इकोनाॅमी को सवा दो लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है।
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नई दिल्ली

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Saurabh Sharma

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Updated: 10 Sep 2018, 3:01 PM IST

indian economy

Exclusive: भारत बंद+बाढ़+हड़ताल = 2.25 लाख करोड़ की चपत

नर्इ दिल्ली। देश में पेट्रोल आैर डीजल की बढ़ती कीमत कोे लेकर आज देश की विपक्षी पार्टियों ने भारत बंद किया हुआ है। कुछ दिन पहले देश में सवर्णों ने भारत बंद किया था। इससे पहले देश ने केरल में बाढ़ का प्रकोप झेला था। जुलार्इ के आखिरी सप्ताह में देश को ट्रक चालकों की हड़ताल झेलनी पड़ी थी। भारत बंद, बाढ़ आैर हड़ताल की वजह से देश की इकोनाॅमी को अरबों रुपयों का नुकसान हो चुका है। आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो करीब 50 दिनों में देश की इकाेनाॅमी को सवा दो लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। यह सवा दो लाख करोड़ रुपए ना तो किसी सरकार का है ना ही किसी व्यक्ति विशेष का। यह रुपया आम जनता है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर देश को किस तरह से नुकसान झेलना पड़ा है?

ट्रक चालकों की हड़ताल ने पहुंचाया सबसे ज्यादा नुकसान
देश की इकोनाॅमी को सबसे ज्यादा नुकसान ट्रक चालकों की हड़ताल ने पहुंचाया था। 20 जुलार्इ से 27 जुलार्इ तक चली हड़ताल में करीब 93 लाख ट्रक चालक शामिल हुए थे। एसोचैम कि रिपोर्ट के अनुसार ट्रक चालकों की हड़ताल की वजह से देश की इकोनाॅमी को हर रोज 20 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। आठ दिनों तक चलने वाली इस हड़ताल की वजह से देश की इकोनाॅमी को 1.60 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। इस दौरान सब्जियों, फलों आैर उन तमाम उत्पादों के दाम बढ़ गए थे, जिनकी देश भर में सप्लार्इ ट्रकों के माध्यम से होती है।

बाढ़ से लगा इकोनाॅमी को झटका
वहीं अगस्त माह में देश को पिछले 100 साल में सबसे बड़ी बाढ़ त्रासदी देखने को मिली। केरल में आर्इ बाढ़ की वजह से केरल की इकोनाॅमी को बड़ा झटका लगा। खुद प्रदेश के सीएम पी विजयन ने प्रदेश की इकोनाॅमी के 21 हजार करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया था। बाद में केंद्र आैर बाकी राज्यों ने राहत पैकेज की घोषणा भी की थी। इस बाढ़ से सैंकड़ों लोगों की जान चली गर्इ थी आैर लोगों के घर आैर कर्इ सरकारी बैंक ढह गए थे। एेसे में देश में बाढ़ की वजह से हुआ यह बड़ा नुकसान है। अभी हमने इस आंकड़ें में हाल ही में बाकी राज्यों आर्इ बाढ़ की वजह से हुए नुकसान को नहीं जोड़ रहे हैं।

मात्र 5 दिनों में 44 हजार करोड़ रुपए का नुकसान
पिछले पांच दिनों में देश को दो बार भारत बंद का सामना करना पड़ा है। 6 सितंबर को सवर्णों ने भारत बंद किया था। जिसमें देश की इकोनाॅमी को काफी नुकसान झेलना पड़ा था। आज के दिन भी देश को भारत बंद झेलना पड़ रहा है। केडिया कमोडिटी के हेड अजय केडिया के अनुसार ‘2016 में भारत बंद के दौरान 18,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। जो आज यह बढ़कर 22 हजार करोड़ के करीब पहुंच सकता है।' अगर 6 सितंबर आैर आज के दिन के नुकसान को अजय अजय केडिया के अनुमान के अनुसार जोड़ लें तो पिछले 5 दिनों में देश की इकोनाॅमी को 44 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है।

हर रोज 4500 करोड़ रुपए का नुकसान
अगर पिछले 50 दिनों के इस नुकसान को प्रति दिन के हिसाब से देखा जाए तो 4500 करोड़ रुपए बन रहा है। जैसाकि हमने बताया कि देश की इकोनाॅमी को पिछले 50 दिनों में हड़ताल, भारत बंद आैर बाढ़ की वजह से 2.25 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। एेसे में रोज के हिसाब से भाग दे दिया जाए तो ये रोज का नुकसान 4500 करोड़ रुपए का होगा।