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पूर्व वित्त मंत्री ने केंद्र पर साधा निशाना, कहा-अर्थव्यवस्था की गाड़ी के 3 टायर हो चुके हैं पंचर

पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने साधा है। उन्होंने कहा है कि देश की अर्थव्यवस्था एक कार की तरह है जिसके तीन टायर पंचर हो चुके हैं।
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Saurabh Sharma

Jun 04, 2018

P chidambaram

पूर्व वित्त मंत्री ने केंद्र पर साधा निशाना, कहा-अर्थव्यवस्था की गाड़ी के 3 टायर हो चुके हैं पंचर

नर्इ दिल्ली। 2019 के आम चुनावों से पहले कांग्रेस ने पेट्रोल डीजल की बढ़ती की कीमतों को अपना बड़ा हथियार बना लिया है। विपक्ष का हर बड़ा नेता केंद्र को पेट्रोल आैर डीजल कीमतों को लेकर घेरने में लगा हुआ है। इस बार यह निशाना पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने साधा है। उन्होंने कहा है कि देश की अर्थव्यवस्था एक कार की तरह है जिसके तीन टायर पंचर हो चुके हैं।

चार में से तीन पंचर
चिदंबरम ने कहा 'प्राइवेट इनवेस्टमेंट, प्राइवेट कंजम्पशन, एक्सपोर्ट और सरकारी एक्सपेंडीचर भारतीय अर्थव्यवस्था के चार पहिए की तरह हैं। अगर इनमें से एक या दो टायर पंचर हो जाएं तो हमारी अर्थव्यवस्था धीमी हो जाएगी लेकिन हमारे मामले में तो तीन पहिए पंचर हो गए हैं।' जिसकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था काफी धीमी पड़ गर्इ है।

सुविधाएं देने के मामले में फिसड्डी
चिदंबरम ने महाराष्ट्र कांग्रेस के एक कार्यक्रम में मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार लगातार पेट्रोल, डीजल और एलपीजी पर टैक्स लगा रही है। वह लोगों से पैसा ले रही है लेकिन सार्वजनिक सुविधाओंं पर बहुत कम खर्च कर रही है। जिसकी वजह से देश की जनता परेशान ही नहीं काफी हैरान भी है। क्योंकि इसी देश की जनता ने बीजेपी आैर उनके सहयोगियों को प्रचंड बहुमत दिया था।

आर्थिक मामलों में सरकार नाकाम
चिदंबरम ने सवाल पूछते हुए कहा 'क्या आप लोगों ने पिछले कुछ समय में ऊर्जा के क्षेत्र में किसी तरह के निवेश की बात सुनी है?' उन्होंने जीएसटी मामले पर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा 'सरकार ने जो जीएसटी लगाया है उसमें 5 टैक्स स्लैब हैं, वहीं दूसरे देशों में जीएसटी में केवल एक टैक्स का सिस्टम है। हम भारत में दो टैक्स स्लैब का सिस्टम कर सकते थे।' चिदंबरम ने केंद्र सरकार को आर्थिक मामलों में पूरी तरह नाकाम बताया। आपको बता दें कि पेट्रोल आैर डीजल की कीमतों को बढ़ाने के बाद कंपनियों ने कीमतों को कम करने की कोशिश की है। लेकिन देश की जनता को राहत नहीं मिल सकी।