
नई दिल्ली। नए ऑर्डर्स, बिक्री और रोजगार में अपेक्षाकृत कमजोर बढ़ोतरी के कारण इस साल जुलाई की तुलना में अगस्त में देश के सेवा क्षेत्र की रफ्तार सुस्त पड़ गई, हालांकि यह सकारात्मक बनी रही। माह दर माह आधार पर जारी देश के सेवा क्षेत्र का आईएचएस मार्किट सूचकांक जुलाई के 53.8 से घटकर अगस्त में 52.4 रह गया।
सूचकांक का 50 से अधिक होना वृद्धि को तथा इससे कम होना गिरावट को दर्शाता है जबकि सूचकांक का 50 का स्तर स्थिरता के लिए है। इससे पहले 02 सितंबर को विनिर्माण क्षेत्र का सूचकांक जारी किया गया था। यह जुलाई के 52.5 से घटकर 51.4 पर आ गया था। विनिर्माण क्षेत्र में भी बिक्री, उत्पादन और रोजगार में सुस्ती देखी गयी। आईएचएस मार्किट की बुधवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि अगस्त में सेवा क्षेत्र के उत्पादन की वृद्धि धीमी रही।
नये ऑर्डर और रोजगार वृद्धि की रफ्तार भी सुस्त पड़ी। रिपोर्ट तैयार करने के लिए किये गये सर्वेक्षण में हिस्सा लेने वाली कंपनियों ने बताया कि कारोबार को बढ़ावा देने के सरकार के उपायों से अगले एक साल में वे क्षेत्र में वृद्धि की उम्मीद करते हैं। अगस्त में सेवा क्षेत्र की कंपनियों की लागत पर मुद्रास्फीति का असर बेहद कम रहा जबकि कंपनियों ने इससे कहीं ज्यादा रफ्तार से अपने उत्पादों के दाम बढ़ाए।
उत्पादों के दाम में 17 महीने की सबसे बड़ी तेजी देखी गयी। सेवा क्षेत्र और विनिर्माण का सम्मिलित सूचकांक जुलाई के 53.9 से घटकर अगस्त में 52.6 पर आ गया। यह लगातार 18वां महीना है जब सम्मिलित सूचकांक में वृद्धि देखी गयी है, यानी इसका सूचकांक 50 से ऊपर रहा है।
Published on:
04 Sept 2019 03:14 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
