
27 जुलार्इ तक ना करें खरीदारी, वर्ना हो जाएगा बड़ा नुकसान
नर्इ दिल्ली। अगर आप हाल के दिनों में किसी शाॅपिंग का प्लान बना रहे हैं तो रुक जाइए, क्योंकि आपको अभी शाॅपिंग करने से बड़ा नुकसान हो सकता है। अगर आपको शाॅपिंग करनी भी है तो 27 जुलार्इ तक का इंतजार करना होगा। इससे आप फायदे में भी रहेंगे आैर नुकसान भी नहीं होगा। वास्तव में जीएसटी परिषद ने 100 से ज्यादा वस्तुआें को का टैक्स घटाया है वो दरें 27 जुलार्इ के बाद ही लागू होंगी। आइए आपको भी बताते हैं कि जीएसटी करी नर्इ दरों के नोटिफिकेशन के बारे में क्या कहा है…
27 जुलार्इ तक ना करें शाॅपिंग
शनिवार को उपभोक्ता वस्तुओं में कर की दर में कटौती को केंद्र और राज्य सरकारें 27 जुलाई तक अधिसूचित कर पाएंगी। आम उपभोक्ताओं से उन्होंने अपील की है कि अत्यंत जरूरी नहीं हो तो घटी हुई दर का लाभ लेने के लिए एक सप्ताह तक अपनी खरीदारी स्थगित रखें। आपको बता दें कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की शनिवार को हुई बैठक में एकमुश्त 100 से ज्यादा उपभोक्ता वस्तुओं पर कर की दर में कटौती थी। यह जानकारी रविवार को जीएसटी मंत्री समूह के संयोजक सुशील कुमार मोदी ने दी।
इन वस्तुआें पर जीएसटी को किया था कम
मोदी ने कहा कि सेनेटरी नैपकिन और सभी तरह के भगवान की मूर्तियों के साथ ही बिहार की प्रसिद्ध हस्तकला सुजनी, टिकुली क्राफ्ट, एपलिक (कपड़ों पर कढ़ाई-बुनाई) को जहां पूरी तरह से कर मुक्त कर दिया गया है, वहीं सभी तरह के पेंट, वार्निश, इनेमल, पुट्टी, वाटर हीटर, रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन, हेयर सेवर, 68 सेंटीमीटर तक की टीवी आदि पर 28 से घटाकर 18 प्रतिशत, 1000 रुपये मूल्य तक के फूटवियर पर 18 से घटाकर पांच प्रतिशत, हैंडलूम की दरियां, हाथ से बने कारपेट आदि पर 12 से घटाकर पांच प्रतिशत कर किया गया है।
चार अगस्त को होगा इन पर विचार
उन्होंने कहा कि जीएसटी के पूर्व डेढ़ करोड़ से कम टर्नओवर वाले सूक्ष्म व लघु उद्योगों को एक्साइज ड्यिूटी से मुक्त रखा गया था, मगर जीएसटी में शामिल करने के बाद इन्हें अनेक तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। चार अगस्त को परिषद की विशेष बैठक में छोटे उद्योगों की समस्याओं पर विचार के लिए कई उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है।
महंगार्इ रही है नियंत्रित
मोदी ने कहा कि दुनिया के अधिकांश देशों में जीएसटी लागू होने के बाद महंगाई बढ़ी, ब्रिटेन और न्यूजीलैंड में तो महंगाई दो अंकों में चली गई, वहीं भारत में कर की दरों को लगातार युक्तिसंगत बनाए जाने के कारण महंगाई नियंत्रित रही है।
Published on:
23 Jul 2018 11:36 am
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