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ट्रंप ने कर दिया एेसा कांड कि इस देश के छूट गए पसीने

तुर्की की मुद्रा 'लीरा' में सोमवार को 11 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है, जिससे दुनियाभर के बाजारों में खलबली मच गई। सीएनएन के मुताबिक, तुर्की की मुद्रा लीरा में एशिया में सुबह के कारोबार में डॉलर के मुकाबले 11 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई।
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Saurabh Sharma

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Updated: 13 Aug 2018, 3:37 PM IST

donald trump

ट्रंप ने कर दिया एेसा कांड कि इस देश के छूट गए पसीने

नर्इ दिल्ली। जहां एक आेर अमरीका के डाॅलर के मुकाबले तेजी से लगातार गिर रहा है। वहीं दूसरी आेर डाॅलर की तबाही से दूसरे देश भी बचे हुए नहीं है। जिसमें पाकिस्तान, यूरो आैर बाकी करंसी भी शामिल हैं। अब जो नर्इ मुद्रा सामने आर्इ है उसका नाम काफी चौंकाने वाला है। तुर्की की लीरा कंरसी डाॅलर के मुकाबले काफी नीचे गिर गर्इ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार तुर्की की मुद्रा 'लीरा' में सोमवार को 11 फीसदी की गिरावट दर्ज की गर्इ है। आइए अापको भी बताते हैं पूरी खबर…

लीरा में बड़ी गिरावट
तुर्की की मुद्रा 'लीरा' में सोमवार को 11 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है, जिससे दुनियाभर के बाजारों में खलबली मच गई। सीएनएन के मुताबिक, तुर्की की मुद्रा लीरा में एशिया में सुबह के कारोबार में डॉलर के मुकाबले 11 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। लीरा में बीते सप्ताह 20 फीसदी से अधिक की गिरावट हुई थी। सोमवार को टोक्यो, हांगकांग और शंघाई के शेयर बाजारों में 1.5 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज हुई।

नहीं टेकेंगे घुटने
तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तइप एर्दोगन ने इस संकट से निबटने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं को खारिज किया और अमरीका को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "हम घुटने नहीं टेकेंगे। अगर आप डॉलर के साथ हमारे पास आओगे तो हम कारोबार करने का दूसरा तरीका खोज निकालेंगे।" नया साल शुरू होने के बाद से लीरा में डॉलर के मुकाबले लगभग 45 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है।

रुपया भी गया नीचे
सोमवार काे सप्ताह के पहले कारोबारी दिन रुपए में रिकाॅर्ड गिरावट देखने को मिला। आज डाॅलर के मुकाबले रुपया 66 पैसे लुढ़ककर 69.62 के स्तर पर खुला। फिलहाल अमरीकी डाॅलर के मुकाबले रुपए का भाव घटकर 69.61 के स्तर पर आ गया है। बता दें रुपए का ये अब तक का सबसे निचला स्तर है। डाॅलर के मुकाबले रुपए की कमजोरी से देश में आयात की जाने वाली वस्तुएं आम आदमी के जेब पर बुरा असर डाल सकती हैं। हालांकि एक फायदा ये होगा देश से निर्यात किए जाने वाले सामानों के लिए पहले से अधिक पैसे मिलेंगे।