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बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन मई 2021 में कराने का प्रस्ताव

अगले वर्ष फरवरी की बजाय मई में बोर्ड परीक्षाओं का किया जाए आयोजन। अखिल भारतीय अभिभावक संघ ने शिक्षा मंत्रालय को भेजा प्रस्ताव। कोरोना के चलते तैयारी के लिए छात्रों को अतिरिक्त वक्त देने की मांग।
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नई दिल्ली

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Amit Kumar Bajpai

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Updated: 8 Dec 2020, 12:04 AM IST

स्टूडेंट्स ध्यान दें, CBSE ने 10 वीं, 12 वीं बोर्ड परीक्षा के पैटर्न में किया बड़ा बदलाव, इसी साल से हुआ लागू

स्टूडेंट्स ध्यान दें, CBSE ने 10 वीं, 12 वीं बोर्ड परीक्षा के पैटर्न में किया बड़ा बदलाव, इसी साल से हुआ लागू

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के चलते प्रभावित हुई पढ़ाई की वजह से अगले साल 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को तीन माह आगे बढ़ा दिया जाना चाहिए। देशभर के कई अभिभावकों ने बोर्ड परीक्षाओं की तारीख तीन माह आगे बढ़ाने के संबंध में एक प्रस्ताव शिक्षा मंत्रालय के पास भेजा है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री को अखिल भारतीय अभिभावक संघ द्वारा सुझाव दिया गया है कि सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन मई 2021 में किया जाए। सामान्य वर्षों में बोर्ड परीक्षाएं फरवरी माह से ही शुरू हो जाती हैं। वहीं, सीबीएसई यह फैसला पहले ही ले चुका है कि अगले वर्ष बोर्ड परीक्षाएं आम वर्षों की ही तरह कागज-पेन के जरिये ऑफलाइन मोड से ही आयोजित करवाई जाएंगी।

देश भर के तमाम अभिभावकों का अभी भी मानना है कि फिलहाल कोरोना वायरस की स्थिति गंभीर बनी हुई है। जल्द ही कोरोना वैक्सीन आने की उम्मीद जताई जा रही है और अगर ऐसा होता है तो अगले पांच-छह महीनों में स्थिति में सुधार आ सकता है। अभिभावकों का मानना है कि कोरोना वायरस के हालात में सुधार होने पर ही बोर्ड परीक्षाएं होनी चाहिए।

वहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बोर्ड परीक्षाओं के संबंध में अभिभावकों, छात्रों और शिक्षकों से सुझाव मांगे थे।

अखिल भारतीय अभिभावक संघ के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने इस संबंध में कहा, "देश भर के स्कूल कोरोना वायरस के चलते मार्च 2020 से ही बंद हैं। बच्चों की ऑनलाइन स्टडी तो जारी है, लेकिन छात्र बोर्ड परीक्षाओं की सामान्य वर्षों की तरह तैयारी नहीं कर पाए हैं। संसाधनों की कमी के चलते काफी छात्र ऑनलाइन पढ़ाई भी नहीं कर सके हैं। ऐसे हालात में बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए छात्रों को और ज्यादा वक्त दिया जाना जरूरी है।"

अभिभावकों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को भेजे गए प्रस्ताव में मांग की है कि 10वीं और 12वीं के छात्रों के अलावा बाकी सभी छात्रों को बिना किसी इन हाउस एग्जाम के अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया जाए। अग्रवाल ने कहा कि बोर्ड परीक्षाएं कराने से पहले सिलेबस और बोर्ड परीक्षा के पैटर्न में किए गए बदलावों की जानकारी हर छात्र को देना जरूरी है।

इस साल परीक्षाओं के आयोजन को लेकर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच तमाम तरह की चर्चा हो रही है। अबतक कोविड के चलते देशभर के स्कूल कॉलेज पूरी तरह से नहीं खोले जा सके हैं। बोर्ड परीक्षाओं के रजिस्ट्रेशन से लेकर कक्षा संचालन तक सारे ऑनलाइन तरीके से संचालित हो रहे हैं