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NEP 2020: कर्नाटक एनईपी लागू करने वाला देश का पहला राज्य, डिजिटलाइजेशन पॉलिसी पर काम शुरू

  NEP 2020 को लागू करने के मामले में कर्नाटक ने देश के अन्य राज्यों के सामने एक उदाहरण पेश किया है। इसी के साथ कर्नाटक एनईपी के कार्यान्वयन में एक प्रयोगशाला बन गया है।
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Dhirendra Kumar Mishra

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Updated: 23 Aug 2021, 11:15 PM IST

New Education Policy 2020

New Education Policy 2020

नई दिल्ली। सोमवार को कर्नाटक ( Karnataka ) आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति ( NEP 2020 ) को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इस अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि एनईपी-2020 को लागू करने के मामले में कर्नाटक ने देश के अन्य राज्यों के सामने एक उदाहरण पेश किया है। नई शिक्षा नीति ( New Education Policy ) को लागू करने में कर्नाटक ने प्रमुख भूमिका निभाई है। इसी के साथ कर्नाटक एनईपी के कार्यान्वयन में एक प्रयोगशाला बन गया है।

बच्चों को एनईपी का लाभ दिलाना अहम चुनौती

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि कक्षा एक से लेकर 12वीं तक भारत में लगभग 310 मिलियन छात्र समुदाय हैं। हर साल 2.5 करोड़ नए मेंबर को भी काउंट कर लें तो हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती एनईपी के लाभों को इन सभी तक पहुंचाने में है। प्रधान ने कहा कि एनईपी की सफलता एक नई वैश्विक व्यवस्था बनाने में सक्षम होगी।

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सीएम ने की प्रवेश मॉडयूल 2021 की शुरुआत

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने NEP-2020 के प्रवेश मॉड्यूल का शुभारंभ किया। उन्होंने घोषणा की कि छात्रों पर ध्यान केंद्रित करने वाली नई डिजिटलीकरण और अनुसंधान और विकास नीति शुरू की जाएगी। कर्नाटक में ज्ञान परिदृश्य को बदलने और सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा परिषद की स्थापना की जाएगी। सीएम ने कहा कि बाधाओं के बीच आने वाले बजट में इन नीतियों और कार्यक्रमों को उचित प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने एक समान समाज बनाने के लक्ष्य को साकार करने के लिए माध्यमिक शिक्षा स्तर पर करियर मार्गदर्शन और व्यक्तित्व विकास शुरू करने की भी सलाह दी।

UG प्रथम वर्ष के छात्रों को दिए जाएंगे टैबलेट पीसी

सीएम बासवराज बोम्मई ने कहा कि अगर नई नीति को सफलतापूर्वक लागू किया जाता है तो शिक्षा प्रणाली को शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के ऊर्ध्वाधर साइलो, कंपार्टमेंटलाइज़ेशन और क्लोज्ड जैकेट संरचना से मुक्त कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि प्रथम वर्ष के डिग्री पाठ्यक्रमों में शामिल होने वालों को इस वर्ष टैबलेट पीसी दिए जाएंगे। बता दें कि सात अगस्त को शैक्षणिक वर्ष 2021-2022 से नीति के क्रियान्वयन पर अमल करने को लकर कर्नाटक सरकार ने आदेश जारी किया था।

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