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मॉब लिंचिंग: चोरी के केस में छापेमारी करने गए पुलिस अधिकारी को पीट-पीटकर मार डाला

बिहार के किशनगंज में एक पुलिस इंस्पेक्टर की तब पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जब वह टीम के साथ चोरी के एक केस में छापेमारी करने गए थे।
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नई दिल्ली

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Ashutosh Pathak

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Updated: 10 Apr 2021, 10:32 AM IST

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नई दिल्ली।

बंगाल की सीमा से सटे बिहार के किशनगंज जिले से दिल दहलाने वाली खबर आ रही है। यहां बंगाल की सीमा पर छापेमारी करने गए किशनगंज टाउन के थाना प्रभारी अश्विनी कुमार की बीती रात बेरहमी से हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है अश्विनी कुमार घटना के वक्त यानी शुक्रवार देर रात अपनी पुलिस टीम के साथ किशनगंज जिले से सटे बंगाल के बनतापारा में चोरी के एक मामले में छापेमारी करने गए थे। वहीं, कुछ लोगों ने घेरकर उनकी हत्या कर दी। मामला मॉब लिंचिंग का बताया जा रहा है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हडक़ंप मच गया। सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, जिनमें पूर्णिया जिले के आईजी सुरेश चौधरी और एसपी आशीष कुमार भी शामिल हैं, मौके पर पहुंच गए है। मृत पुलिस इंस्पेक्टर के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।

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बता दें कि बिहार में पुलिस अधिकारी की हत्या का यह पहला केस नहीं है। इससे पहले भी छापेमारी करने गई टीम पर बदमाशों ने हमला किया है और पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतारा है। गत 24 फरवरी को बिहार के सीतामढ़ी जिले में शराब तस्करी की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। छापेमारी करने गई पुलिस टीम में मेजरगंज थाने के दरोगा दिनेश राम भी शामिल थे। इस दौरान तस्करों ने दिनेश राम को गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई। इस मामले में तीन नामजद अपराधियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी, जिसमें दो को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक अपराधी का शव बाद में घटनास्थल से कुछ दूरी पर मिला था।

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बहरहाल, शुक्रवार देर रात हुई अश्विनी कुमार की हत्या से एक बार फिर पुलिस को चुनौती देेने की कोशिश अपराधियों ने की है। मगर सवाल यह भी खड़े हो रहे हैं कि क्या पुलिस टीम की तैयारी इतनी मजबूत नहीं थी कि वह अपराधियों से लोहा ले सके।