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UP Assembly Elections 2022: संत रैदास जयंती के जरिए यूपी से से पंजाब तक की सियासत साधने की तैयारी

UP Assembly Elections 2022: 16 फरवरी को है संत रैदास जयंती। वाराणसी में इसकी तैयारी तेज है। इस बीच मंदिर प्रशासन ने पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पीएम नरेंद्र मोदी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, अरविंद केजरीवाल को न्योता भेजा। वैसे भी रैदास जयंती पर देश के दिग्गज नेताओं के आने की परंपरा पुरानी है। पीएम मोदी, अरविंद केजरीवाल, प्रियंका गांधी तक चुनाव के दौरान संत रैदास जयंती पर आ चुके हैं दिग्गज नेता।
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वाराणसी

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Ajay Chaturvedi

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Updated: 11 Feb 2022, 11:03 AM IST

संत रैदास जयंती पर सीरगोवर्धनपुर में मत्था टेकते नेता

संत रैदास जयंती पर सीरगोवर्धनपुर में मत्था टेकते नेता

वाराणसी. UP Assembly Elections 2022: रैदास जयंती एक बार फिर से सियासी अखाड़े में तब्दील होती नजर आने लगी है। एक बार फिर से वाराणसी में देश के दिग्गज नेताओं का जमघट लगने जा रहा है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, अरविंद केजरीवाल को रैदास मंदिर प्रबंधन ने न्योता भेज दिया है। इस तरह से आगामी 16 फरवरी को धर्म नगरी वाराणसी से यूपी से पंजाब तक की सियासत को गर्माहट मिलने के आसार नजर आने लगे हैं।

बसों व ट्रेन से बड़ी तादाद में पहुंच रहे संत रैदास के अनुयायी

वैसे वाराणसी के सीरगोवर्धनपुर स्थित संत रविदास जन्मस्थली पर जयंती समारोह को लेकेर तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। जयंती समारोह में शामिल होने के लिए संगत के आने का क्रम जारी है। पंजाब से जुड़े रैदासियों का समूह हजारों की तादाद में वाराणसी पहुंच चुका है। कोई ट्रेन से तो कोई बसों में भर कर यहां पहुंच रहा है।

संत रैदास जयंती के बहाने सियासत गर्म
इस बीच मंदिर प्रबंधन के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस महासचिव व यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ ही पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को न्योता भेजा है। इसके बाद से सियासत गर्म हो चली है। वैसे अब तक का इतिहास रहा है कि जब भी चुनाव नजदीक आए या चुनाव के दौरान देश के दिग्गज नेताओं का संत रैदास मंदिर पहुंचना, मत्था टेकना और लंगर चखने का क्रम तेज हो जाता है। 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी प्रियंका गांधी वाड्रा वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर पहुंची थीं और संत शिरोमणि के श्री चरणों में मत्था टेकने के साथ ही लंगर भी चखा था। साथ ही रैदास समर्थकों को संबोधित भी किया था। उससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी, अरविंद केजरीवाल, राहुल गांधी, मायावती भी संत शिरोमणि का आशीर्वाद ले चुके हैं।

मंदिर प्रबंधन ने सभी दलों के नेताओं को भेजा है न्योता
इस बीच संत रैदास मंदिर प्रबंधन के महासचिव सतपाल विर्दी बताते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी, सीएम योगी ,चरणजीत सिंह चन्नी, अरविंद केजरीवाल, प्रियंका गांधी, हरसिमरत कौर, शमशेर सिंह दुल्लो सहित कई राजनीतिक दलों के प्रमुख नेताओं को मंदिर प्रबंधन की तरफ से निमंत्रण दिया गया है। ऐसे में संत रैदास की जयंती पर सियासी सूरमा वाराणसी के सीरगोवर्धनपुर स्थित जन्मस्थली पर मत्था टेकने आ सकते हैं। चुनाव आचार संहिता को ध्यान में रखते हुए राजनीतिक पार्टियों के प्रमुख नेताओं को ही जयंती समारोह में आमंत्रित किया गया है। हालांकि मंदिर प्रबंधन का कहना है कि धार्मिक स्थल होने के कारण सभी पार्टियों के नेताओं का जन्मस्थली पर स्वागत है।

चन्नी ही नहीं योगी आदित्यनाथ के आने की भी संभावना
सतपाल विर्दी बताते हैं कि प्रधानमंत्री की 16 फरवरी को पंजाब में रैली होने के कारण आने की उम्मीद कम है लेकिन भाजपा के बड़े नेता मत्था टेकने आ सकते हैं। वो कहते हैं कि पंजाब के मुख्यमंत्री चन्नी ने आने का वादा किया है। वो कहते हैं कि धार्मिक स्थल होने के कारण यहां किसी भी पार्टी के नेताओं को आने में कोई परहेज नहीं करना चाहिए और सबका यहां स्वागत है। वैसे तो प्रमुख नेता खुद आने की इच्छा जताते हैं लेकिन चुनाव के कारण सुरक्षा को देखते हुए प्रोटोकॉल के पालन में दिक्कत होती है। यूपी और पंजाब के सीएम के आने की उम्मीद ज्यादा होने के कारण तैयारियां जोर शोर से की जा रही हैं।

यूपी और पंजाब चुनाव की दृष्टि से महत्वपूर्ण
सियासी लहजे से देखें तो वाराणसी के संत रैदास जन्मस्थली से पंजाब का सीधा नाता है। ऐसे में यूपी हो या पंजाब इन दोनों ही राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दिग्गजों का यहां आना होता ही है। वजह साफ है संत रैदास के बड़ी तादाद वाले अनुयायियों को अपने पाले में करना। अब जबकि चन्नी ने संत रैदास मंदिर प्रबंधन के आमंत्रण को स्वीकार भी कर लिया है तो सियासी लिहाज से इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि चन्नी का यूपी और पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में आना यूपी चुनाव के शेष बजे छह चरण के मतदान पर भी असरकारक हो सकता है।

ये सभी आ चुके हैं संत रैदास मंदिर
संत रविदास मंदिर में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2016 और 2019 में मत्था टेकने के साथ ही लंगर भी छका है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन बार यहां मत्था टेका है। देश के दो पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह और डॉ. के आर नारायणन, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, बसपा सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, थावर चंद गहलोत, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल, भाजपा के केंद्रीय मंत्री विजय सांपला, हरसिमरत कौर, शमशान सिंह दुल्लो, भीम आर्मी चीफ चद्रशेखर आजाद, भाजपा के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य भी आ चुके हैं।