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UP Election 2022 : गोरखपुर में जब सपा प्रत्याशी ने दो दिग्गज भाजपा नेताओं से मांगा आशीर्वाद, चौंक गए नेता और वोटर

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 : चुनाव का दौर चल रहा है। प्रत्याशी दरवाजा खटखटाकर मतदाताओं से आशीर्वाद के रूप में वोट की मांग कर रहे हैं। गोरखपुर सदर विधानसभा सीट में उस वक्त मतदाता चौंक गए जब समाजवादी पार्टी उम्मीदवार शुभावती शुक्ला ने भाजपा के एक नहीं दो दिग्गजों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। यह सीएम योगी आदित्यनाथ भाजपा के उम्मीदवार हैं।
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गोरखपुर

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 17 Feb 2022, 2:26 PM IST

गोरखपुर में जब सपा प्रत्याशी ने दो दिग्गज भाजपा नेताओं से मांगा आशीर्वाद, चौंक गए नेता और वोटर

गोरखपुर में जब सपा प्रत्याशी ने दो दिग्गज भाजपा नेताओं से मांगा आशीर्वाद, चौंक गए नेता और वोटर

यूपी चुनाव अपने शबाब पर है। दो चरण की समाप्ति के बाद तीसरे चरण की तैयारी जोरों पर है। पर इस चुनावी प्रचार में कुछ दिलचस्प नजारें देखने को मिल जाते हैं। गोरखपुर में चुनावी प्रचार के दौरान अचानक नेता और मतदाता चौंक गए। जब समाजवादी पार्टी उम्मीदवार शुभावती शुक्ला की केंद्रीय मंत्री शिव प्रताप शुक्ला के पैर छूने की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई। एक अन्य तस्वीर में, शुभावती शुक्ला पूर्व भाजपा सांसद और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल प्रकाश मणि त्रिपाठी का गोरखपुर में अपने सिविल लाइंस आवास पर आशीर्वाद लेती दिख रही हैं। स्थानीय राजनीति में भाजपा के इन दोनों वरिष्ठ नेताओं को सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रतिद्वंद्वी के रूप में माना जाता है। योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से भाजपा उम्मीदवार हैं। सपा उम्मीदवार भाजपा नेता दिवंगत उपेंद्र दत्त शुक्ला की पत्नी हैं, जो मुख्यमंत्री के जाने माने प्रतिद्वंद्वी थे। शुभावती और उनके दो बेटे हाल ही में समाजवादी पार्टी में शामिल हुए और भाजपा पर उनके पति के निधन के बाद उनकी परवाह नहीं करने का आरोप लगाया।

प्रभावशाली ब्राह्मण चेहरा हैं शिव प्रताप शुक्ला

राज्यसभा सांसद शिव प्रताप शुक्ला को पूर्वांचल में एक प्रभावशाली ब्राह्मण चेहरे के रूप में देखा जाता है। वह 1989, 1991, 1993 और 1996 में गोरखपुर से विधायक थे, लेकिन 2002 में, राधा मोहन दास अग्रवाल ने उन्हें योगी के समर्थन और समर्थन से हिंदू महासभा के टिकट पर हरा दिया था।

गोरखपुर शहरी सीट पर ब्राह्मणों का समर्थन जरूरी

एक राजनीतिक विश्लेषक ने कहा, "भाजपा को गोरखपुर शहरी सीट पर ब्राह्मणों के समर्थन की आवश्यकता है, जिसमें 19 प्रतिशत ब्राह्मण हैं। सपा उम्मीदवार स्पष्ट रूप से यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि उसे एक ऐसी भूमि में ब्राह्मण नेताओं का समर्थन प्राप्त है, जो अपनी प्रसिद्ध ठाकुर-ब्राह्मण शत्रुता के लिए जानी जाती है। योगी आदित्यनाथ एक ठाकुर हैं और उन्होंने हाल ही में एक साक्षात्कार में कहा था कि उन्हें ठाकुर समुदाय से होने पर गर्व है।

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चुनाव के नतीजे तय

हालांकि गोरखपुर में चुनाव के नतीजे को लेकर कोई आश्चर्य नहीं है, लेकिन शुभावती शुक्ला भाजपा के भीतर सबसे ज्यादा फूट डालने की कोशिश कर रही हैं। यहां यह बताया जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ के सत्ता में आने के बाद भाजपा सरकार में ब्राह्मणों को किनारे कर दिया गया है।

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शब्दों से ज्यादा बोलती है एक तस्वीर

एक राजनीतिक विश्लेषक का कहना है कि, शुभवती के रणनीतिकार उनसे स्थिति का फायदा उठा रहे हैं। एक तस्वीर शब्दों से ज्यादा बयां करती है और उन्होंने यही किया है। सपा उम्मीदवार के लिए तस्वीर भले ही ज्यादा न बदले लेकिन इससे मुख्यमंत्री को जरूर शर्मिंदगी उठानी पड़ी है।