
लगे रहो मुन्नाभाई, 3 इडियट्स, पीके, 1942 अ लव स्टोरी जैसी मशहूर फिल्में बना चुके विधु विनोद चोपड़ा बॉलीबुड में अपने यूनिक कंटेंट के लिए जाने जाते हैं। विधु विनोद चोपड़ा का जन्म कश्मीर के पंजाबी परिवार में 5 सिंतबर 1956 में हुआ था। इसीलिए विधु विनोद चोपड़ा का शुरूआती जीवन श्रीनगर में बीता। इनके पिता का नाम डी एन चोपड़ा है जो मशहूर रामायण के निर्माता रामानंद सागर के साथ जुड़े हुए थे। परिवार में सिनेमा माहौल को देखते हुए उनका रूझान भी बॉलीवुड की ओर बढ़ा। उन्होनें हिंदी सिनेमा के गुर सीखने के लिए पूणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में एडमिशन लिया।
कश्मीरी परिवार से आने के कारण विधु विनोद चोपड़ा का कश्मीर के प्रति इमोशनल लगाव रहा है। उन्होंनें कई फिल्मों के माध्यम से अपने इस लगाव को साझा भी किया है। चाहे बात की जाए मिशन कश्मीर की या शिकारा की।
2020 में रिलीज हुई फिल्म शिकारा कश्मीरी पंडितों के दर्द को बयां करती है। 90 के दशक में कश्मीर में हिदूं अल्पसंख्यकों के प्रति बढ़ती हिंसा ने इन हिंदू परिवारों को पलायन के लिए मजबूर कर दिया था। विधु विनोद चोपड़ा ने एक इंटरव्यू में बताया था कि यह घटना उनके लिए विशेष तौर पर भावनात्मक जुड़ाव रखती है। क्यूंकि कश्मीर में हिंसा के कारण पलायन करने वाले परिवारों में उनका परिवार भी शामिल था। उन्होनें बताया कि उनके मां ने रातों रात कश्मीर छोड़ना पड़ा था। उनके भाई पर उपद्रवियों ने चाकू से हमला किया था। यह घटना उनके कश्मीर के प्रति इमोशनल सेंटीमेंट्स को दर्शाती है।
अब बात की जाए फिल्म मिशन कश्मीर की तो यह एक कश्मीर से जुड़े आतंकवाद की घटना से जुड़ी फिल्म है। फिल्म में संजय दत्त एक कश्मीरी पुलिसवाले के किरदार में हैं। जो एक आतंकवादी की तलाश में गलती से अल्ताफ यानि ॠतिक रोशन के माता पिता को मार देते है। इसके बाद वे अल्ताफ को गोद ले लेते हैं। बाद अल्ताफ को अपने माता पिता के बारे में सच्चाई पता चलती है। वह पुलिस के खिलाफ विद्रोह कर देते हैं।
ॠतिक रोशन और संजय दत्त के अलावा फिल्म में प्रीति जिंटा, सोनाली कुलकर्णी, जैकी श्रॉफ, पुरू राज कपूर भी अन्य भूमिकाओँ में हैं। फिल्म को बेस्ट एक्शन के लिए फिल्मफेयर अवार्ड भी मिला था।
Published on:
27 Oct 2021, 11:44 AM IST
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