
अनुराग कश्यप का बयान (सोर्स:x-@PMOIndia/IMDb)
Dimaagi Naxal statement on Anurag Kashyap: फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने पीएम नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण में इस्तेमाल किए गए ‘दिमागी नक्सल’ शब्द पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। कश्यप ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पीएम मोदी के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी को ऐसे राजनीतिक लेबल देने के बजाय शिक्षा और सही समझ की जरूरत है। उन्होंने तंज कसते हुए पीएम मोदी को ‘थेरेपी’ लेने की सलाह भी दी।
अनुराग कश्यप ने पीएम मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि मौजूदा दौर के नेताओं को आज के बच्चों की समझ और उनकी भाषा को समझने में परेशानी हो रही है। उन्होंने ‘दिमागी नक्सल’ शब्द को लेकर तंज किया और कहा कि बच्चों को शायद ये भी नहीं पता कि नक्सल का मतलब क्या होता है।
अनुराग कश्यप ने अपने पोस्ट में स्कूलों में पढ़ाई और शिक्षकों की जरूरत पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पहले किताबों से हटाए गए अध्याय वापस लाने और स्कूलों में शिक्षक उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
अनुराग कश्यप यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे लिखा कि युवाओं तक पहुंचने के लिए उनकी भाषा और सोच को समझना जरूरी है। इसी दौरान उन्होंने ‘थेरेपी’ का सुझाव देते हुए कहा कि अगर युवाओं तक पहुंचना है तो उनकी भाषा समझनी होगी। कश्यप ने यह भी कहा कि युवाओं को प्रभावित करने के लिए राजनीतिक रणनीति अपनाने के बजाय शिक्षा और समझ पर ध्यान देना चाहिए।
इसके बाद अनुराग कश्यप ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए सोशल मीडिया ट्रोल्स पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि इस बार उनकी पोस्ट पर पहले की तुलना में कम ट्रोल्स आए। इस पर उन्होंने तंज करते हुए कहा कि शायद सरकार के आईटी सेल की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और उसे वर्ल्ड बैंक से और पैसा लेना पड़ेगा।
स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से दिए अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘दिमागी नक्सल’ कहे जाने वाले लोगों को लेकर चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि ऐसे लोग हिंसा और अराजकता को बढ़ावा देने के तरीके खोज रहे हैं और समाज को गलत दिशा में ले जाने के लिए अलग-अलग रास्ते अपना रहे हैं।
पीएम मोदी ने जंगलों में सक्रिय हथियारबंद नक्सलियों और देश के भीतर मौजूद ‘दिमागी नक्सलों’ के बीच अंतर बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें अलग करने की जरूरत है, ताकि देश के युवाओं को विकसित भारत की दिशा में मुख्यधारा के प्रयासों से जोड़ा जा सके।
Updated on:
16 Aug 2026 03:53 pm
Published on:
16 Aug 2026 03:33 pm
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