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Exclusive : IFFI जूरी के चेयरमैन बोले- कायर, गूंगे-बहरे हैं क्या पाकिस्तानी कलाकार, क्यों नहीं बोलते आतंक के खिलाफ?

IFFI 2025 Goa : 81 देश भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2025 में हैं। पर हमारा पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान क्यों नहीं है? इस सवाल का जवाब जूरी के चेयरपर्सन (पैनोरमा सेक्शन) व वरिष्ठ फिल्म निर्देशक-निर्माता राजा बुंदेला ने Exclusive Interview में दी है।

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भारत

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Ravi Gupta

Nov 22, 2025

Exclusive Interview, Pakistani Actors are cowered, iffi 2025,

इफ्फी जूरी के चेयरपर्सन (पैनोरमा सेक्शन) व वरिष्ठ फिल्म निर्देशक-निर्माता राजा बुंदेला | Photo - Patrika

गोवा/पणजी . 56वां भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI 2025 Goa) का आयोजन चल रहा है। यहां पर 400 से अधिक फिल्मों को देखने के बाद 20 फिल्मों को इफ्फी के पैनोरमा सेक्शन के लिए टॉप फिल्मों को चुना गया है। 81 देशों की 240 फिल्में यहां पर प्रदर्शित होने आई हैं। पर दिल छूने वाली कला की पहचान रखने वाला पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान नहीं है?

Exclusive Interview : इफ्फी 2025 के जूरी के चेयरपर्सन का इंटरव्यू

पत्रिका के रवि कुमार गुप्ता ने इफ्फी 2025जूरी के चेयरपर्सन (पैनोरमा सेक्शन) व वरिष्ठ फिल्म निर्देशक-निर्माता राजा बुंदेला से विशेष बातचीत की। आइए, पूरी बातचीत को नीचे पढ़ते हैं-

सवाल 1- इफ्फी 2025 का फोकस क्या है?

जवाब- राजा बुंदेला ने कहा कि हम ना केवल रीजनल-नेशनल बल्कि इंटरनेशनल सिनेमा को भी जोड़ रहे हैं। इस वर्ष जापान को 'कंट्री ऑफ फोकस', स्पेन को 'पार्टनर कंट्री' और ऑस्ट्रेलिया को 'स्पॉटलाइट कंट्री' के रूप में चुना गया है। ऑस्ट्रेलिया के साथ एमओयू साइन किया। 81 देशों की फिल्में यहां पर आई हैं।

सवाल 2- पाकिस्तान के कलाकारों को क्यों नहीं मिल रही एंट्री?

जवाब- राजा बुंदेला ने कहा कि पाकिस्तान कलाकार नहीं आईएसआई एजेंट भेजता है या भेजने की चाहत रखता है तो कलाकार कहां से आएंगे। हमने हमेशा पाकिस्तानी कलाकार को प्यार दिया लेकिन बदले में हमें क्या मिला, वो दुनिया के सामने है। जहां तक पाकिस्तानी कलाकारों की बात है, तो उनको तब तक बैन रखा जाना चाहिए जब तक वो आतंक के खिलाफ नहीं बोलते। अपनी अवाम को सही राह पर नहीं लाते। जम्मू-कश्मीर के खिलाफ बोलना बंद नहीं करते। क्या पाकिस्तानी कलाकार गूंगे-बहरे या कायर हैं…? उनको हिम्मत दिखानी चाहिए।

सवाल 3- भारत को वर्ल्ड सिनेमा के लिए क्या करना चाहिए?

जवाब- भारत वर्ल्ड सिनेमा में अपना स्थान बना रहा है। इफ्फी में भी हम अन्य देशों के साथ रिश्ता बना रहे हैं ताकि वहां पर हमारे कलाकारों को फिल्म बनाने या बाजार मिलने में पूरा सहयोग मिले। वेव्स फिल्म बाजार भी इसके लिए आ गया है। अब हम सिर्फ बॉलीवुड या किसी रिजनल सिनेमा तक सिमट के नहीं रह गए हैं। अब हम भारतीय सिनेमा के लिए काम कर रहे हैं।

सवाल 4 - रीजनल सिनेमा पर क्या राय है?

जवाब- रीजनल सिनेमा जैसे साउथ (तमिल, मलयालम, कन्नड़ आदि) तेजी से बढ़े हैं। पैरेलल सिनेमा और कमर्शियल सिनेमा में वो सफल रहे हैं। राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश जैसे अन्य राज्यों को भी इसी कॉन्सेप्ट पर आगे आने की जरुरत है। फिल्म मेकर्स सिर्फ सरकारी फंड पर आश्रित ना रहें, बल्कि लोकल बिजनेसमैन को भी आगे आकर सपोर्ट करें तब जाकर भारतीय सिनेमा पूरी तरह से सफल होने का सपना पूरा कर पाएगा।