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‘जब कृष्ण को मांग सकती हूं तो नारायणी सेना क्यों मांगू?’, धर्म परिवर्तन के खुलासे के बीच हिमांशी खुराना हुईं भावुक

Himanshi Khurana Krishna statement: हिमांशी खुराना ने द्रौपदी और भगवान कृष्ण के प्रसंग का जिक्र करते हुए कहा कि कृष्ण मिल जाएं तो नारायणी सेना मांगने की जरूरत नहीं। उनका बयान सोशल मीडिया पर चर्चा में है।
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Himanshi Khurana Krishna statement

हिमांशी खुराना हुईं भावुक (सोर्स: instagram-paraschhabra)

Himanshi Khurana viral video:हिमांशी खुराना का एक बयान सोशल मीडिया पर चर्चा में है, जिसमें उन्होंने महाभारत के द्रौपदी-कृष्ण प्रसंग का जिक्र करते हुए भरोसे और पूरी तरह समर्पण की बात कही। उन्होंने कहा कि जब तक द्रौपदी खुद साड़ी पकड़े हुए थीं, तब तक वह पूरी तरह भगवान कृष्ण पर निर्भर नहीं थीं। जैसे ही उन्होंने साड़ी छोड़ दी और खुद को कृष्ण के भरोसे छोड़ दिया, तब भगवान कृष्ण उनकी मदद के लिए आए।

हिमांशी ने इसी प्रसंग को अपनी बात से जोड़ते हुए कहा कि अगर कृष्ण मिल जाएं तो फिर नारायणी सेना मांगने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “मुझे नारायणी सेना क्यों मांगनी, जब मैं कृष्ण को मांग सकती हूं। मैं नारायणी सेना नहीं चाहती।”

द्रौपदी के प्रसंग से समझाया भरोसे का मतलब

वायरल बातचीत में हिमांशी ने बताया कि द्रौपदी सभा में मदद के लिए अपने पतियों और अन्य लोगों के साथ भगवान कृष्ण का भी नाम ले रही थीं। उन्होंने आगे एक प्रसंग सुनाते हुए कहा कि रुक्मिणी ने कृष्ण से पूछा कि वो द्रौपदी की मदद के लिए क्यों नहीं गए।

हिमांशी के मुताबिक, कृष्ण ने कहा कि द्रौपदी उस समय सभी के नाम ले रही थीं और उनका पूरा भरोसा सिर्फ उन पर नहीं था। साथ ही, वो एक हाथ से अपनी साड़ी भी पकड़े हुए थीं। हिमांशी ने इस बात को इस तरह समझाया कि द्रौपदी ने उस वक्त खुद को पूरी तरह कृष्ण के हवाले नहीं किया था। उनके मुताबिक, जैसे ही द्रौपदी ने साड़ी छोड़ दी, तब कृष्ण ने उनकी मदद की। इसी उदाहरण के आधार पर हिमांशी ने कहा कि उन्हें नारायणी सेना के बजाय कृष्ण को चुनना बेहतर लगता है।

‘कृष्ण मिल गए तो नारायणी सेना क्यों मांगू?’

हिमांशी की इस बात के बाद सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। एक यूजर ने कमेंट किया, “कृष्ण मिल गए तो नारायणी सेना क्यों मांगू, राधे-राधे।” वहीं, एक यूजर ने बिना किसी पुष्ट आधार के हिमांशी के संदर्भ में “इस्लामिक तंत्र” और “लव जिहाद” से जुड़ा दावा किया। इस कमेंट में किए गए दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। एक अन्य यूजर ने हिमांशी की भावनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “आंखें बता रही हैं भाई, वो किस तकलीफ से गुजरी हैं। आखिर अब सबको ईश्वर समझ रही हैं, उनकी कृपा है।” बता दें, हिमांशी के बयान में महाभारत के प्रसंग के जरिए भगवान कृष्ण पर भरोसे और पूरी तरह समर्पण की बात सामने आई है, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

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