
india music summit
INDIA MUSIC SUMMIT के उद्घाटन समारोह में प्रसून जोशी अपने चिर परिचित अंदाज में नजर आएं। इस मौके पर उन्होंने बातचीत के दौरान कहा कि संगीत सिर्फ प्रस्तुति पर आधारित न हो बल्कि इसका जिक्र होना जरूरी है साथ ही इसके बारे में बात करना बहुत ही जरुरी है। प्रसून का कहना है कि संगीत के बारे में चर्चा कराना इससे जुड़े विचारों और पक्षों पर बार कर इसे आगे बढ़ाना काफी जरुरी है। साथ ही उनका मानना है कि म्यूजिक समिट एक ऐसा मंच है। जिसमें न सिर्फ तरह-तरह के संगीत सुनने मिलेगा बल्कि इसके बारे में चर्चा भी होगी।
फिल्म जगत ने हमे संगीत देखना सिखा दिया है
प्रसून का कहना है कि आज फिल्म जगत ने हमें संगीत सुनने की जगह देखना सिखा दिया है। जबकि संगीत को सुनना और इसमें खोना अधिक आवश्यक है। आज हो ये रहा है कि लोग सिर्फ संगीत को देख कर ही आनंद ले रहे हैं जबकि इसमें खोना जरुरी है। दरअसल जो इसमे खो जाता है असल आनंद तो उसे ही मिलता है। प्रसून ने इस दौरान दर्शकों को अपने स्टाइल में 'सीखो न नैनों की भाषा पीया'सुनाकर मदहोश कर दिया।
धूमधाम से हुआ कार्यक्रम का आगाज
सुरों की गोद में बैठकर अठखेलियां करते कलाकार, संगीत की जादूगरी में खोते श्रोता और विचारों की गर्म प्याली में फूं-फूं कर इसका मजा लेते संगीत के मर्मज्ञ। सच्चे सुरों की विरासत संभाले राजस्थान पत्रिका की पार्टननशिप में एमटीवी इंडिया यूजिक समिट का कुछ इस तरह अद्भुत आगाज हुआ। शुक्रवार से होटल फेयररमॉन्ट में तीन दिवसीय संगीत के इस बेहतरीन कार्यक्रम का जयपुर दूसरी बार गवाह बना।म्यूजिक समिट के दूसरे संस्करण की शुरुआत दमदार अंदाज में हुई। उद्घाटन समारोह में संगीत के दिग्गजों ने मंच पर चार चांद लगा दिए।
Updated on:
12 Oct 2018, 9:29 PM IST
Published on:
12 Oct 2018, 9:29 PM IST
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