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Oscars 2027: मराठी फिल्म ‘गोंधल’ बनी भारत की आधिकारिक एंट्री, IFFI में जीत चुकी है सिल्वर पीकॉक

Gondhal In Oscars 2027: ऑस्कर 2027 के लिए भारत की ओर से मराठी फिल्म 'गोंधल' का नाम सामने आया है। ये फिल्म भारत की आधिकारिक एंट्री बन चुकी है।
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Oscars 2027

Oscars 2027 (फोटो सोर्स- IMDb)

Oscars 2027: ऑस्कर 2027 के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री का ऐलान हो गया है। मराठी फिल्म 'गोंधल' को भारत की ओर से सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी के लिए चुना गया है। फिल्म का निर्देशन संतोष डावखर ने किया है। इस फिल्म को इससे पहले कई प्रतिष्ठित फिल्म समारोहों में सम्मान मिल चुका है, जिसमें 56वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया यानी IFFI का सिल्वर पीकॉक भी शामिल है।

संतोष डावखर ने लिखी और निर्देशित की फिल्म

‘गोंधल’ के लेखक और निर्देशक संतोष डावखर हैं। फिल्म की कहानी महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाके की पृष्ठभूमि में रखी गई है। इसमें स्थानीय परंपराओं, धार्मिक अनुष्ठानों और मानवीय रिश्तों के बीच पैदा होने वाले तनाव को कहानी का आधार बनाया गया है। फिल्म में ईशिता देशमुख, योगेश सोहोनी, किशोर कदम और निशाद भोइर समेत कई कलाकार नजर आते हैं। फिल्म का संगीत दिग्गज संगीतकार इलैयाराजा ने दिया है।

क्या है ‘गोंधल’ की कहानी?

फिल्म की कहानी महाराष्ट्र के ग्रामीण क्षेत्र में होने वाले पारंपरिक ‘गोंधळ’ अनुष्ठान के इर्द-गिर्द घूमती है। कहानी में सुमन नाम की महिला की जिंदगी दिखाई गई है, जिसकी शादी संपन्न परिवार के आनंद से होती है। हालांकि, ये रिश्ता उसके लिए आसान नहीं रहता। इसी बीच उसकी जिंदगी में गोंधळी कलाकार साहेब की मौजूदगी कहानी को अलग मोड़ देती है।

रात में होने वाले धार्मिक उत्सव और गोंधळ की परंपरा कहानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। रिश्तों, इच्छाओं, परंपरा और व्यक्तिगत फैसलों के बीच उलझती कहानी धीरे-धीरे एक गंभीर मोड़ लेती है। फिल्म में ग्रामीण महाराष्ट्र की संस्कृति और लोक परंपराओं को भी प्रमुखता से दिखाया गया है।

IFFI में मिला था बड़ा सम्मान

ऑस्कर के लिए चुने जाने से पहले ‘गोंधळ’ अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल सर्किट में अपनी पहचान बना चुकी है। 56वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया में संतोष डावखर को फिल्म के निर्देशन के लिए सिल्वर पीकॉक अवॉर्ड मिला था। IFFI की ज्यूरी ने फिल्म की कहानी, परंपरा और सिनेमाई प्रस्तुति की सराहना की थी।

इसके अलावा फिल्म को 2026 में बेंगलुरु इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में FIPRESCI अवॉर्ड भी मिला। पुणे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में फिल्म ने निर्देशन और सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार हासिल किए। थर्ड आई एशियन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी संतोष डावखर को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का सम्मान मिला।

ऑस्कर की रेस में 33 फिल्मों से मुकाबला

भारत की आधिकारिक एंट्री के लिए कुल 33 फिल्मों पर विचार किया गया था। इनमें अलग-अलग भारतीय भाषाओं की फिल्में शामिल थीं। अंतिम चयन में ‘गोंधळ’ को भारत की ओर से ऑस्कर 2027 के लिए भेजने का फैसला किया गया है।

अब फिल्म का अगला सफर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होगा। भारत की यह मराठी फिल्म ऑस्कर की दौड़ में आगे बढ़ने की कोशिश करेगी और देश के क्षेत्रीय सिनेमा को वैश्विक मंच पर पेश करेगी।

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