
सोनू निगम (फोटो सोर्स- Instagram/sonunigamofficial)
Sonu Nigam Impersonation Case: मशहूर गायक सोनू निगम से जुड़ा एक सोशल मीडिया इम्पर्सोनेशन मामला बॉम्बे हाई कोर्ट में सुलझ गया है। सोनू निगम ने बिहार के एक क्रिमिनल लॉयर सोनू निगम सिंह पर कथित तौर पर सोशल मीडिया पर उनकी पहचान का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बनने के बाद अदालत ने मामले का निपटारा कर दिया। हालांकि, इस फैसले से सोनू निगम पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आए और उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है।
सोनू निगम ने एचटी सिटी से बात करते हुए अपनी असंतुष्टि जाहिर की है। उनके मुताबिक उन्होंने साल 2017 में एक्स यानी ट्विटर का इस्तेमाल करना बंद कर दिया था। इसके बावजूद उनके नाम से चल रहे एक अकाउंट की वजह से लोगों में भ्रम बना रहा। गायक का आरोप है कि दूसरा व्यक्ति ऐसे पोस्ट करता था जिससे सोशल मीडिया यूजर्स को लगता था कि अकाउंट खुद सोनू निगम चला रहे हैं।
सोनू ने बताया कि स्थिति तब और गंभीर हो गई जब उनके नाम से ऐसे पोस्ट सामने आने लगे जिनका उनसे कोई संबंध नहीं था। उनका कहना है कि इससे उनकी छवि और निजी जिंदगी पर असर पड़ा।
गायक ने दावा किया कि कथित फर्जी पोस्ट के कारण उन्हें और उनके परिवार को धमकियों का सामना करना पड़ा। उनके मुताबिक, कोई विवादित पोस्ट सामने आने के बाद लोग उन्हें सोशल मीडिया पर गालियां देने लगते थे, जबकि वह उस पोस्ट के लिए जिम्मेदार ही नहीं थे।
सोनू निगम ने इस स्थिति को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि किसी व्यक्ति के नाम और प्रतिष्ठा का गलत इस्तेमाल उसके जीवन को भी खतरे में डाल सकता है। यही वजह थी कि उन्होंने अपनी पहचान और व्यक्तित्व से जुड़े अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी रास्ता अपनाया।
सोनू निगम ने एक उदाहरण देते हुए बताया कि अगर वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करते, तो कथित तौर पर संबंधित अकाउंट से ऐसी तस्वीर साझा की जाती जैसे उसे खुद सोनू निगम ने पोस्ट किया हो। उनके मुताबिक, इस तरह की गतिविधियों से लोगों के बीच गलत धारणा पैदा हो सकती थी। गायक ने यह भी चिंता जताई कि सोशल मीडिया पर किसी चर्चित व्यक्ति के नाम से अकाउंट चलने पर आम लोग आसानी से भ्रमित हो सकते हैं।
बॉम्बे हाई कोर्ट में दायर मामले में सोनू निगम ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स के उल्लंघन और डिजिटल इम्पर्सोनेशन का आरोप लगाया था। मामला पिछले साल जुलाई में अदालत के सामने आया था। आरोप था कि संबंधित अकाउंट से राजनीतिक और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील पोस्ट भी किए जाते थे।
दोनों पक्षों में समझौता होने के बाद अदालत ने वाणिज्यिक बौद्धिक संपदा से जुड़े इस मुकदमे का निपटारा कर दिया। सोनू निगम ने कहा कि अदालत की सख्त चेतावनी से उन्हें राहत मिली है, लेकिन वह मानते हैं कि ऐसे मामलों में कानून और कड़े होने चाहिए।
सोनू निगम ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उनके अनुसार इस मामले में आरोपी को बहुत आसानी से निकलने का मौका मिल गया। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही उनकी शारीरिक रूप से हत्या नहीं हुई, लेकिन उनकी पहचान और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना भी गंभीर बात है।
गायक ने सोशल मीडिया पर पहचान की सुरक्षा को लेकर एक और चिंता जताई। उनका कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक उस अकाउंट को असली सोनू निगम का अकाउंट समझकर फॉलो कर रहे थे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि फर्जी पहचान से पैदा होने वाला भ्रम कितना बड़ा हो सकता है।
Updated on:
19 Aug 2026 06:50 pm
Published on:
19 Aug 2026 06:50 pm
