
टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में मुंबई पुलिस सख्त (सोर्स: x-@kritiger__jassi)
Tiger Shroff Car Firing: बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में मुंबई पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने इस केस में सभी आरोपियों के खिलाफ महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA), 1999 की धाराएं लगा दी हैं। बता दें, 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में हुई गोलीबारी की जांच में इसे अहम मोड़ माना जा रहा है। पुलिस अब कथित साजिश, हथियारों की सप्लाई और आरोपियों को मदद पहुंचाने वाले लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, 27 अक्टूबर 2026 को प्राधिकारी से मंजूरी मिलने के बाद डीसीबी सीआईडी के क्राइम रजिस्टर नंबर 143/26 में MCOCA की धाराएं 3(1)(ii), 3(2) और 3(4) जोड़ी गईं। इससे पहले 19 अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) और 3(5), साथ ही आर्म्स एक्ट की धाराओं 3 और 25 के तहत मामला दर्ज किया गया था। फिलहाल, आगे के मामले की जांच जारी है।
MCOCA संगठित अपराध से निपटने के लिए बनाया गया एक सख्त कानून है। इसकी धाराएं तभी लागू की जा सकती हैं, जब कानून में तय शर्तें पूरी होती हों। इस मामले में जोड़ी गई धाराएं संगठित अपराध और उसमें शामिल होने या मदद करने से जुड़ी जवाबदेही के प्रावधानों से संबंधित हैं।
बता दें, MCOCA लागू होने के बाद पुलिस मामले में कथित संगठित अपराध के पहलुओं की भी जांच करेगी। इसका साथ ही, जांच एजेंसियों का ध्यान गोलीबारी के पीछे की साजिश, हथियारों के सोर्स और इसमें शामिल लोगों के नेटवर्क का पता लगाने पर है।
ये घटना 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी। पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ से जुड़ी एक कार पर कई राउंड गोलियां चलाईं और फिर मोटरसाइकिल से फरार हो गए। अब जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि गोलीबारी की साजिश कैसे रची गई, हथियार कहां से आए और आरोपियों को किसने मदद पहुंचाई।
बता दें, पुलिस हथियारों की सप्लाई के नेटवर्क, आरोपियों के बीच बातचीत और उनके वित्तीय संबंधों की भी पड़ताल कर रही है। इसके साथ ही संगठित अपराध से जुड़े संभावित कनेक्शन की जांच की जा रही है।
खबरों के मुताबिक, गोलीबारी के मामले में 3 शूटरों रेहान उर्फ सुक्का, ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन और फूल सिंह को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किया गया था। बताया गया था कि वे वहां से भागने की कोशिश कर रहे थे।
इसके बाद हथियारों की सप्लाई और कथित तौर पर लॉजिस्टिकल सपोर्ट देने से जुड़े अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। जांचकर्ता अनिल पंडित की कथित भूमिका की भी पड़ताल कर रहे हैं। जांच के दौरान उनका नाम सामने आने की बात कही गई है। हालांकि, मामले में सभी आरोपों की जांच जारी है और आरोपियों के खिलाफ दोष अदालत में साबित होना बाकी है।
Updated on:
27 Oct 2026, 5:26 PM IST
Published on:
27 Oct 2026, 5:15 PM IST
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