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एपीओ नूतन यादव हत्याकांड में पुलिस को लगे अहम सुराग हाथ, जल्द हो सकता है हैरान करने वाला खुलासा

नूतन यादव को कुल पांच गोलियां मारी गई थीं। एक गोली मुंह में नाल फंसा कर मारी गई। हत्यारोपी ने काम वाली को फोन कर पूछा था कि वह काम पर गई है कि नहीं।
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एटा

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Amit Sharma

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Updated: 7 Aug 2019, 5:50 PM IST

poonam Yadav

एपीओ नूतन यादव हत्याकांड में पुलिस को लगे अहम सुराग हाथ, जल्द हो सकता है हैरान करने वाला खुलासा

एटा। जलेसर न्यायालय में एपीओ (सहायक अभियोजन अधिकारी) के पद पर कार्यरत नूतन यादव (35) की हत्या के मामले में पुलिस को कई अहम सुराग लग चुके हैं। पुलिस इस सनसनीखेज हत्याकांड के खुलासे के काफी करीब पहुंच चुकी है। माना जा रहा है कि पुलिस कभी भी खुलासा कर सकती है।

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एपीओ नूतन यादव पुलिस लाइन स्थित सरकारी आवास में रहती थीं। यहां उनके साथ उनका छोटा भाई भी रहता था, जो प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा थी। हत्या से एक दिन पहले ही सोमवार को पूनम यादव का छोटा भाई आगरा स्थित अपने गांव आया हुआ था। स दिन नूतन यादव अकेली थीं। पुलिस के मुताबिक नूतन यादव की हत्या सोमवार-मंगलवार की रात करीब एक बजे की गई है। एक गोली मुंह में मारी गई है। कुल पांच गोलियां मारी गई हैं।

पुलिस को सबसे अहम सुराग के तौर पर मौका ए वारदात से एक मोबाइल मिला है। पुलिस ने मंगलवार शाम तक ही इसे डिकोड कर लिया है। इस मोबाइल से कई राज खुलेंगे। मसलन नूतन यादव की किससे कितनी बात होती थी, अंतिम बार बात किससे हुई। वहीं इसके अलावा कुछ और अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं।

वहीं नूतन यादव की कामवाली संगीता ने पुलिस को अहम बयान दिया है। संगीता के मुताबिक हत्यारोपी धनपाल आएदिन आता था। वह उसे अपने आपको नूतन यादव का चाचा बताता था। संगीता ने बताया कि धनपाल का सोमवार को भी फोन आया था, वह पूछ रहा था कि वह काम पर गई है या नहीं। इसके साथ ही मृतक नूतन यादव की बड़ी बहन पूनम ने बताया है कि नूतन यादव की शादी की बात चल रही थी। धनपाल आएदिन नूतन यादव को परेशान करता था।

बता दें कि नूतन यादव (35) पुत्री जगदीश प्रसाद यादव आगरा के बरहन थाना क्षेत्र के गांव खुशहालपुर की रहने वाली थीं। वह एटा के जलेसर न्यायालय में एपीओ के पद पर कार्यरत थीं। पुलिस लाइन स्थित सरकारी आवास में वह भाई के साथ रहती थी। सोमवार को किसी काम से भाई घर चला गया था। इस दौरान अपने सरकारी आवास पर वह अकेली थीं। इसी दौरान उनकी पांच गोलियां मार कर कर दी गई। हत्या की जानकारी तब हुई जब मंगलवार की सुबह काम करने वाली महिला पहुंची। काम करने वाली महिला ने कमरे के अंदर खून से लथपथ पूनम यादव का शव पड़ा देखा।

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