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इटावा में अंकोरवाट मंदिर से भी बड़ा विष्णु मंदिर बनाएंगे अखिलेश यादव

भाजपा के बाद अब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी लोकसभा चुनाव 2019 से पहले मंदिर की राजनीति में छलांग लगा ली है।
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इटावा

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Abhishek Gupta

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Updated: 23 Aug 2018, 11:39 AM IST

Akhilesh yadav

Akhilesh yadav

लखनऊ. भाजपा के बाद अब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी लोकसभा चुनाव 2019 से पहले मंदिर की राजनीति में छलांग लगा ली है। अखिलेश यादव ने बुधवार को इस बात का ऐलान किया है कि अब भगवान विष्णु का नगर विकसित किया जाएगा, जिसमें भव्य मंदिर होगा और यह मंदिर कंबोडिया के अंकोरवाट मंदिर की ही तरह होगा।

इटावा में बनाएंगे मंदिर-

अखिलेश ने जारी किए गए बयान में कहा कि हम भगवान विष्णु के नाम पर लायन सफारी (जो की इटावा में है) के निकट 2000 एकड़ से अधिक भूमि पर नगर विकसित करेंगे। हमारे पास चंबल के बीहडों में काफी भूमि है। नगर में भगवान विष्णु का भव्य मंदिर होगा। यह मंदिर कंबोडिया के अंकोरवाट मंदिर की ही तरह होगा।

सत्ता में आए तो भगवान विष्णु का एक नगर होगा विकसित-

अखिलेश यादव इस दौरान राम मंदिर के सवाल पर बचते दिखे और उन्होंने वादा किया कि अगर सत्ता में आये तो भगवान विष्णु का एक नगर निश्चित तौर पर विकसित किया जाएगा, जिनके अवतार भगवान राम और भगवान कृष्ण थे। अध्ययन के लिए विशेषज्ञों की टीम कंबोडिया भेजी जाएगी।

केशव प्रसाद मौर्या ने राम मंदिर के लिए विधेयक की जताई थी गुंजाइश-

अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब यूपी के डीप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने एक बार फिर राम मंदिर का मुद्दा छेड़ा है। आपको बता दें मौर्य ने कहा था कि जरूरत पड़ने पर राम मंदिर के निर्माण के लिए संसद में विधेयक लाया जा सकता है। कोई अन्य विकल्प शेष नहीं रहने पर यह रास्ता अपनाया जा सकता है और संसद के दोनों सदनों में भाजपा के पास पर्याप्त संख्या बल है।

भाजपा पर अखिलेश का वार-

अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए पार्टी को षड्यंत्रकारियों की पार्टी करार दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा षड्यंत्र में यकीन करती है और हम विकास में। वे मत प्राप्त करने के लिए लोगों से धोखा करते हैं। हम वोट के लिए अपने विकास के कार्यों पर निर्भर हैं। यूपी के लोग भाजपा से आजिज हो चुके हैं और उसे सत्ता से बाहर करने का एक मौका ढूंढ रहे हैं। 2019 में अपनी जन विरोधी राजनीति की वजह से भाजपा हारेगी।