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फर्रुखाबाद
यहां बाढ़ के कारण नाव पर सवार हो गांव पहुंच रहे लोग, डीएम ने मौके का लिया जायजा
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यहां बाढ़ के कारण नाव पर सवार हो गांव पहुंच रहे लोग, डीएम ने मौके का लिया जायजा

फर्रुखाबाद जिले का हाल...
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फर्रुखाबाद

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Hariom Dwivedi

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Updated: 12 Aug 2018, 6:27 PM IST

फर्रुखाबाद. जिले में बाढ़ से ग्रामीण इलाकों में लोगों को हो रही परेशानियों की आवाज जब पत्रिका उत्तर प्रदेश ने उठाई तो जिलाधिकारी ने बाढ़ग्रस्त इलाके का दौरा नाव पर बैठकर किया। उन्होंने ग्रामीणों से बात कर उन्हें सभी सुविधाओं का लाभ जल्द से जल्द उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। उन्होंने एसडीएम को भी बाढ़ क्षेत्र का लगातार दौरा करने के निर्देश दिये। इस समय लगभग क्षेत्र के लगभग आधा दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आ गये हैं। प्रशासन ने 2 नाव उपलब्ध कराई हैं, जिससे ग्रामीण अपने परिवार के लिये जरूरत का सामान लेने जा पा रहे हैं।

क्षेत्र के ग्राम पथरामई में आज डीएम मोनिका रानी का दौरा था। सभी अधिकारी व्यवस्था देखने के लिए समय से घंटों पहले पहुंच गए। प्राथमिक विद्यालय पथरामई में डीएम मोनिका रानी के बैठने के लिए टेंट लगाया गया था। अधिकारियों ने पहले पहुंच कर साफ सफाई की व्यवस्था को दुरुस्त किया। विद्यालय में पीड़ित परिवार को रुकने,खाने-पीने,और दवाई ,रोशनी के लिए पेट्रो मैक्स, तिरपाल आदि की व्यवस्था कराई गई। उसके बाद भी पथरामई के ग्रामीणों ने खाना खाने जाने से मना कर दिया।

डीएम मोनिका रानी, एसडीएम अनिल कुमार ने ग्रामीणों की समस्या को सुना। ग्रामीणों ने बताया कि घर का सामान चोरी हो सकता है। जानवरों की रखवाली का भी जिम्मा है। मक्के,बाजरे,धान,गन्ने की फसल भी प्रभावित हुई है,बच्चे बीमार हैं। इस पर जिलाधिकारी ने सीओ अखिलेश राय को निर्देशित किया कि गांव में सुरक्षा-व्यवस्था के मद्देनजर कमाडेंट से बात करके 20 होम गार्ड तैनात हों। बीमार ग्रामीणों के लिए दवाईयों और डॉक्टरों की व्यवस्था विद्यालय में की गई है। फसलों का सर्वे करबाकर सहायता राशि दे दी जाये। लेकिन हकीकत में यह है कि अधिकारी आदेश तो देते हैं, लेकिन उनके कर्मचारी उनके आदेशो को ताख में रखकर बाढ़ पीड़ित जनता को जो लाभ देना चहिये, वह नहीं देते हैं उसी से पता चलता है कि उनके आदेशों का कितना पालन किया जा रहा है।