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धूं-धूं कर जल गया रावण

असत्य पर सत्य की और अन्याय पर न्याय की जीत के प्रतीक दशहरा पर्व पर शनिवार को शहर के क्रिश्चियन कॉलेज मैदान में रावण के पुतलों का दहन किया गया।
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फर्रुखाबाद

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Shatrudhan Gupta

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Updated: 30 Sep 2017, 10:54 PM IST

Dussehra Festival

Dussehra Festival

फर्रुखाबाद. असत्य पर सत्य की और अन्याय पर न्याय की जीत के प्रतीक दशहरा पर्व पर शनिवार को शहर के क्रिश्चियन कॉलेज मैदान में रावण के पुतलों का दहन किया गया। पुलिस प्रशासन ने भी सुरक्षा का बंदोबस्त किया था। रावण के साथ ही कुंभकरण और मेघनाद के पुतलों का भी दहन किया गया। जमकर आतिशबाजी भी की जाएगी। श्री रामलीला मंडल की तरफ से आयोजित रावण पुतला दहन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ी। भगवान श्रीराम का रूप धरे कलाकारों ने मंगलावर को रावण रूपी कलाकार से युद्ध किया। भगवान श्रीराम ने रावण की नाभि में निशाना साधते हुए तीर छोड़ा। तीर लगते ही भीषण गर्जना के साथ रावण धराशायी हो गया। रावण के वध के साथ ही पूरा मेला मैदान जय श्रीराम के जयघोष के साथ गूंज उठा। इसी बीच मैदान में खड़े रावण के पुतले को भगवान श्रीराम ने जलते हुुए तीर से आग लगा दी। तेज आतिशबाजी के साथ रावण का पुतला जल उठा। क्रिश्चियन कालेज मैदान में पर दर्शक रामलीला मंचन देख रोमांचित हो गए।

दूसरी तरफ जिस समय सरस्वती भवन से राम और रावण की सेना शहर में मुख्य मार्ग से निकल रही थी उस समय टै्रफिक पुलिस नाकाम साबित दिखाई दे रही थी। क्योंकि बैटरी से चलने वाले ई-रिक्सा को अंदर जाने से नही रोक पाई, जिससे दोनों सेनाओ में जो युद्ध होता है उसमें खलल पैदा करने का काम किया है, जिस कारण लोगो ने कई वार शिकायत भी दर्ज कराई। जिस समय रावण के पुतले को आग देनी थी, उस समय जिलाधिकारी मोनिका रानी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं। उन्होंने ने रावण कर पुतले को सदर विधायक के साथ जाकर पास से रावण को देखा।जिस समय आतिशबाजी चल रही थी तो हर किसी की नजर उसी तरफ दिखाई दे रही थी।राबण के अंत को देखने के लोग जिले के सभी गांवों से आये हुए थे। भीड़ इतनी थी आसपास की बने मकानों की छतों पर जगह नही दिखाई नही दे रही थी। हर तरफ भीड़ ही भीड़ दिखाई दे रही थी, लेकिन जीएसटी के कारण इस वार आतिशबाजी बहुत ही कम दिखाई दे रही थी। व्यापारियों का कहना था कि लोगों ने चन्दा बहुत ही कम दिया है। इसी वजह से आतिशबाजी कम दिखाई दे रहा है। आने वाले समय मे यह रामलीला बहुत ही भव्य व हर गांव के लोग अपनी अपनी जगह पर दिखाई देंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि इतने बड़े कार्यक्रम में किसी प्रकार की कोई घटना नही होती है सभी भाई चारे पर विशेष ध्यान देते हंै। हर आदमी अपनी इज्जत की खातिर इस कार्यक्रम को सजीवता लाने की पूरी कोशिश की गई है, जिस कारण लोग देखने के बाद भी सोचने पर मजबूर है कि इतना बड़ा इंतजाम कैसे हो गया है।